राजनीति आपसे क्या न करवा दे, राजनीति सपने दिखाती भी है और उन्हें दूसरे दलों को तोड़ने का मौका भी देती है। राजनीति करने वाले जल्द दूसरी सरकारों द्वारा लिये गए फैसलों को बदलते नहीं है लेकिन कुछ ऐसे राजनीतिक दल भी है जो मौक़ा पड़ने पर अपने प्रतिद्वंदी या उनके आदमियों को निपटाने में तनिक भी देर नहीं करते। उत्तर प्रदेश में भी दो ऐसे दल है जो समय-समय पर एक दूसरे के सामने आते रहते है| जब जिसकी सरकार बनी वो दूसरे को नेस्तनाबूत करने में कोई कोताही नहीं बरतता।
उत्तर प्रदेश में जानी दुश्मन बन चुके सपा-बसपा शीर्ष स्तर पर तो एक दूसरे के नेताओं को छूने से परहेज करते है लेकिन नीचे के स्तर पर अगर गड़बडिया मिल गई तो उसकी गाज उनके ऊपर गिरती है जिन्होंने किसी नेता की मदद लेकर लाभ लिया हो। प्रदेश की राजनीति में आजकल एक वरिष्ठ मंत्री का बयान एक महकमे के लोगो के लिए शाप बन गया। आजकल कई घरों के चूल्हे भकभकाने लगे है| वहीँ, सैकड़ो लोगो की आँखों से नींद गायब है।
प्रदेश के सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने प्रदेश में स्थापित सहकारी बैंको के दर्जनों मैनेजरों की यह कह कर दिवाली खराब कर दी है कि बहुजन समाज पार्टी सरकार के समय सहकारी बैंको में मैनेजर के पदों पर नियुक्त लोगो की योग्यता अगर कम पाई गई तो उन्हें चपरासी बना दिया जायेगा। मंत्री के इस बयान से सहकारी बैंक के वो मैनेजर आजकल परेशान चल रहे है जिनकी नियुक्ती बसपा शासन काल में हुई थी।
मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने ये बयान देकर हडकंप मचा दिया है, शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि मानक से कम योग्यता वाले मैनेजर चपरासी बनने के लिये तैयार रहे। आज हालात ये है कि नाम न छापने की शर्त पर बसपा शासन काल के समय नियुक्त हुए एक युवा मैनेजर कहते है कितनो ने अपनी जमीन जायदाद और घर के जेवरात बेचकर इस नौकरी को प्राप्त किया था, आज योग्यता का आधार किस तरह तय होगा ये किसी को मालूम नहीं है इसमें साफ़ तौर पर राजनीति ही दिख रही है।
उत्तर प्रदेश में जानी दुश्मन बन चुके सपा-बसपा शीर्ष स्तर पर तो एक दूसरे के नेताओं को छूने से परहेज करते है लेकिन नीचे के स्तर पर अगर गड़बडिया मिल गई तो उसकी गाज उनके ऊपर गिरती है जिन्होंने किसी नेता की मदद लेकर लाभ लिया हो। प्रदेश की राजनीति में आजकल एक वरिष्ठ मंत्री का बयान एक महकमे के लोगो के लिए शाप बन गया। आजकल कई घरों के चूल्हे भकभकाने लगे है| वहीँ, सैकड़ो लोगो की आँखों से नींद गायब है।
प्रदेश के सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने प्रदेश में स्थापित सहकारी बैंको के दर्जनों मैनेजरों की यह कह कर दिवाली खराब कर दी है कि बहुजन समाज पार्टी सरकार के समय सहकारी बैंको में मैनेजर के पदों पर नियुक्त लोगो की योग्यता अगर कम पाई गई तो उन्हें चपरासी बना दिया जायेगा। मंत्री के इस बयान से सहकारी बैंक के वो मैनेजर आजकल परेशान चल रहे है जिनकी नियुक्ती बसपा शासन काल में हुई थी।
मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने ये बयान देकर हडकंप मचा दिया है, शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि मानक से कम योग्यता वाले मैनेजर चपरासी बनने के लिये तैयार रहे। आज हालात ये है कि नाम न छापने की शर्त पर बसपा शासन काल के समय नियुक्त हुए एक युवा मैनेजर कहते है कितनो ने अपनी जमीन जायदाद और घर के जेवरात बेचकर इस नौकरी को प्राप्त किया था, आज योग्यता का आधार किस तरह तय होगा ये किसी को मालूम नहीं है इसमें साफ़ तौर पर राजनीति ही दिख रही है।
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