कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आजकल कांग्रेस को पांच राज्यों में सत्ता पर काबिज कराने के लिए इन सभी राज्यों के चुनावी समीकरण को दुरुस्त करने का जिम्मा अपने कन्धों पर उठा लिया है। राहुल और कांग्रेस की महत्वकांक्षा कहे या विरोधियों की बढती लोकप्रियता राहुल आजकल ऐसे ऐसे बयान दे रहे हैं जो भारत सरकार के किसी जिम्मेदार मंत्री या अधिकारी के पास ही हो सकता है। राहुल चुनावी गणित को ठीक करने के लिये बयानों पर होने वाले बवालों की परवाह किये बिना कांग्रेस और खुद के ऊपर मुसीबत मोल ले रहे है।
राहुल गांधी ने राजस्थान के चुरू में 23 अक्टूबर को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ये कह कर सभी को हैरत में डाल दिया कि मेरी दादी और पापा को मारा, शायद मुझे भी एक दिन मार डालेंगे, अब राहुल गांधी को कौन मार डालेगा ये इस बात की चर्चा अगले दिन के अखबारों और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर खूब डाली और पढ़ी गई| कहीं उनके सुरक्षा की बात हुई तो कही उनके बयान को हंसी में उड़ा दिया गया।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तिथियाँ घोषित हैं| राहुल चुनावी रैली में बोल रहे थे| राहुल ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा बीजेपी दंगा करवाती है| नेताओं ने मुजफ्फरनगर, गुजरात और यूपी में आग लगाई| मैं बीजेपी की राजनीति के खिलाफ हूं| कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि लोगों के अंदर गुस्सा भरते हैं नेता| गुस्सा खत्म करने में सालों का वक्त लगता है| उन्होंने कहा कि मेरा काम सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं, मुझे भविष्य के बारे में भी बताना होगा|
राहुल अपने इस बयान के बाद विरोधियों के निशाने पर आ गए। चुरू से राहुल का विरोध जो शुरू हुआ वो अभी थमने का नाम ही नहीं ले रहा था की राहुल गांधी ने 23 तारीख को मध्य प्रदेश के इंदौर में मुजफ्फरनगर दंगो पर फिर मुंह खोला जिसमें उन्होंने कहा दंगो के बाद दंगो की आग में अपना घर बार छोड़ चुके 15 -20 लोगो के संपर्क में पाकितान की खुफिया इकाई ISI है। राहुल के मुंह से बयान के तौर पर ये शब्द क्या छूटे भाजपा ने उन शब्दों को पकड लिया।
भाजपा राहुल गांधी पर समाज में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाते हुये उनकी शिकायत चुनाव आयोग में करने जा रही है। वही मुजफ्फरनगर पर बयान देने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। मुजफ्फरनगर दंगो में नाम आने के बाद आज़म खान की छीछालेदर हुई थी। आज़म खान ने राहुल गांधी के भाषण पर कहा वो दूसरों का लिखा हुआ भाषण पढ़ते है उन्हें भाषण देने से पहले उसे खुद पढ़ लेना चाहिये। आज़म खान के इस बयान से कांग्रेस हत्थे से उखड़ गई| कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफज़ल ने कहा राहुल लिखा हुआ भाषण नहीं पढ़ते है बल्कि जो मन में आता है वो बोल देते है।
आज़म खान ने कहा कि राहुल किस हैसियत ISI से जुड़े तथ्यों पर बयान दे रहे है। आज़म खान ने राहुल गांधी के बयान को बचकाना कहते हुये कहा कि राहुल गांधी को सोच-समझकर बोलना चाहिये। राहुल गांधी के बयानों से कांग्रेस की मुश्किल घटने की बजाय बढ़ती जा रही है| राहुल आजकल चुनावों को लेकर कुछ ज्यादा परेशान है। कांग्रेस का राहुल से उम्मीदों का बोझ इतना बढ़ चुका है जिसे पूरा करने के लिए राहुल गांधी बिना सोचे-समझे बयान दे रहे है।
राहुल गांधी ने राजस्थान के चुरू में 23 अक्टूबर को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ये कह कर सभी को हैरत में डाल दिया कि मेरी दादी और पापा को मारा, शायद मुझे भी एक दिन मार डालेंगे, अब राहुल गांधी को कौन मार डालेगा ये इस बात की चर्चा अगले दिन के अखबारों और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर खूब डाली और पढ़ी गई| कहीं उनके सुरक्षा की बात हुई तो कही उनके बयान को हंसी में उड़ा दिया गया।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तिथियाँ घोषित हैं| राहुल चुनावी रैली में बोल रहे थे| राहुल ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा बीजेपी दंगा करवाती है| नेताओं ने मुजफ्फरनगर, गुजरात और यूपी में आग लगाई| मैं बीजेपी की राजनीति के खिलाफ हूं| कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि लोगों के अंदर गुस्सा भरते हैं नेता| गुस्सा खत्म करने में सालों का वक्त लगता है| उन्होंने कहा कि मेरा काम सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं, मुझे भविष्य के बारे में भी बताना होगा|
राहुल अपने इस बयान के बाद विरोधियों के निशाने पर आ गए। चुरू से राहुल का विरोध जो शुरू हुआ वो अभी थमने का नाम ही नहीं ले रहा था की राहुल गांधी ने 23 तारीख को मध्य प्रदेश के इंदौर में मुजफ्फरनगर दंगो पर फिर मुंह खोला जिसमें उन्होंने कहा दंगो के बाद दंगो की आग में अपना घर बार छोड़ चुके 15 -20 लोगो के संपर्क में पाकितान की खुफिया इकाई ISI है। राहुल के मुंह से बयान के तौर पर ये शब्द क्या छूटे भाजपा ने उन शब्दों को पकड लिया।
भाजपा राहुल गांधी पर समाज में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाते हुये उनकी शिकायत चुनाव आयोग में करने जा रही है। वही मुजफ्फरनगर पर बयान देने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। मुजफ्फरनगर दंगो में नाम आने के बाद आज़म खान की छीछालेदर हुई थी। आज़म खान ने राहुल गांधी के भाषण पर कहा वो दूसरों का लिखा हुआ भाषण पढ़ते है उन्हें भाषण देने से पहले उसे खुद पढ़ लेना चाहिये। आज़म खान के इस बयान से कांग्रेस हत्थे से उखड़ गई| कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफज़ल ने कहा राहुल लिखा हुआ भाषण नहीं पढ़ते है बल्कि जो मन में आता है वो बोल देते है।
आज़म खान ने कहा कि राहुल किस हैसियत ISI से जुड़े तथ्यों पर बयान दे रहे है। आज़म खान ने राहुल गांधी के बयान को बचकाना कहते हुये कहा कि राहुल गांधी को सोच-समझकर बोलना चाहिये। राहुल गांधी के बयानों से कांग्रेस की मुश्किल घटने की बजाय बढ़ती जा रही है| राहुल आजकल चुनावों को लेकर कुछ ज्यादा परेशान है। कांग्रेस का राहुल से उम्मीदों का बोझ इतना बढ़ चुका है जिसे पूरा करने के लिए राहुल गांधी बिना सोचे-समझे बयान दे रहे है।
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