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Tuesday, 22 October 2013

नमो ब्रांड है तो बिकेगा ही

नमो बिंदी, नमो साड़ी, नमो चिप्स से लेकर पता नहीं क्या-क्या नमो यानि नरेन्द्र मोदी के नाम पर बिक रहा है। मोदी इस समय 500 करोड़ के ब्रांड बन चुके है, नरेन्द्र मोदी के नाम को भुनाने के लिए गुजरात की कपड़ा बनाने वाली कंपनियों से लेकर कुटीर उद्योग में बिंदी और छोटे छोटे रोज़मर्रा के सामान बने वाली कंपनियों ने भी मोदी नाम के तेज़ी से बढ़ते ब्रांड का फायदा उठाने के लिये सोच लिया है। 

गुजरात से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक नमो ब्रांड की धूम है। आज हर नाम मोदी के नाम को भुना लेना चाहता है तभी तो दूरदराज के इलाके रांची में जहाँ नमो टी स्टाल खुल गया वहीँ, हाल में ही बीते नवरात्रों में युवाओं के बीच मोदी को पहुँचाने के लिये डांडिया के समय पहने जाने वाले विशेष परिधान पर भी भाजपा के PM इन वेटिंग नरेन्द्र मोदी की छाप दिखाई दी। 

मोदी नाम को भुनाने के लिये भाजपा ने भ बड़े पैमाने पर सोशल साइट्स का सहारा लिया जिसमें फेसबुक से लेकर ट्वीटर और गूगल ऐसी साइट्स है जहां मोदी की धूम है। मोदी के नाम को इस समय सभी भुनाने में लगे हुये है| वहीँ, सर्वे साइट्स पर भी मोदी की बढ़त देश के अन्य किसी भी राजनीतिज्ञ से कहीं ज्यादा है। 

गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार आज टेलीविजन रेटिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग बटोरने वाले राजनेता बने हुये हैं| सभी निजी चैनल मोदी को दिखाकर उन्हें भुनाना चाहते है। नरेन्द्र मोदी आज अखबारों की सुर्खिया बने हुये है मोदी की कैम्पेनिंग और सोशल मीडिया पर उनकी बढ़त मोदी को भारतीय राजनीति में एक अलग स्थान दिलाती है। 

नमो-नमो कर रही देश की जनता के बीच मोदी का जादू है या केंद्र सरकार की नाकामियों के बीच जनता को सिर्फ मोदी से उम्मीद ही आज उन्हें एक अलग मुकाम दिला रही है ये तो चुनावों के बाद सामने आयेगा| लेकिन इतना तो तय है कि मोदी धीरे धीरे भारतीय जनमानस के साथ बाज़ार की उथल पुथल पर नज़र रखने की नज़र में चढ़े हुये है। 

मोदी का लोगो की नज़रों में आना एक अलग बात है लेकिन उनका बाज़ार में एक ब्रांड बन जाना दूसरी और अहम बात है। भारतीय राजनीति में संभवत मोदी ऐसे पहले राजनेता हैं जो ब्रांड के तौर पर स्थापित हुये है। इस मोदी नामक ब्रांड की कीमत बाज़ार ने करीब 500 करोड़ पहुँच गई है, भाजपा अब इसी ब्रांड मोदी को कैश कराने में लग गई है। 

5 सौ करोड़ के मोदी नामक इस ब्रांड की मुश्किलें भी कम नहीं है। कुछ राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों पर चुनाव आयोग की खास नज़र है अगर चुनाव आयोग ने मोदी ब्रांड और उनके नाम से बिक रहे उत्पादों को चुनाव प्रचार सामग्री मानकर चुनावी खर्चे में जोड़ दिया तो भाजपा बड़ी मुश्किल में फंस सकती है और इस नमो ब्रांड के चक्कर में भाजपा के चुनावी खर्चे का आंकलन भी चुनाव आयोग इस ब्रांड के साथ करेगा। 

मोदी आज देश की उम्मीद बने हुए है यही वजह है कि आज सभी राजनीतिक दल मोदी की आलोचना करने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ते है, मोदी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है मोदी कही भी जनसभा के लिये जाते है, विरोधियों के बयान उनकी जनसभा से पहले ही आना शुरू हो जाते है। खैर आज देश में मोदी नमक ब्रांड खूब चल रहा है मौक़ा भी है और दस्तूर भी| जो दिखता है वही बिकता है तो बाज़ार मोदी को क्यों न भुना ले।

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