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Sunday, 1 September 2013

राज हमारा काज तुम्हारा

दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण ने जहा उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक बवाल खडा कर दिया वही एक ईमानदार अधिकारी के निलंबन और उसकी कार्यशैली से खफा हुई सरकार के कामकाज के तरीके को भी उजागर करके रख दिया। विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश जहा जनता का राज चलता है वहा पार्टिया अपने वोट बैंक और फायदे के लिए वो सब भूल जाती है जो चुनावों के समय वो पूरी जनता से वादा करती है। 

दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण ने इस बात पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया की इतनी पढ़ाई लिखाई के बाद भारत की सबसे मुश्किल सेवा में चयन के उपरांत अगर कोई क्लास वन का अधिकारी ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करना चाहता है तो सत्ता में बैठी पार्टिया उसकी ईमानदारी से किये गए काम का ईनाम उसे निलंबित करके देती है। 

उत्तर प्रदेश और देश में इन अधिकारियों के हुए निलंबन पर गौर किया जाए तो भारी विषमताओ वाले प्रदेश उत्तर प्रदेश में देश के अन्य राज्यों से ज्यादा निलंबन हुये है। IAS, IPS और IFS संघ ने दुर्गा शक्ति प्रकरण के बाद केंद्र सरकार और गृहमंत्रालय से इस बात की लिखित शिकायत की प्रदेश की सत्ता पर काबिज पार्टियों के निलंबन रुपी चाबुक के सबसे ज्यादा शिकार अधिकारी उत्तर प्रदेश में हो चुके है। 

सभी संघो ने इस शिकायती पत्र में लिखा है कि 1990 से लेकर 2013 तक 175 आईएएस अफसरों को निलंबन का सामना करना पड़ा है जिसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 100 अधिकारी अलग अलग सरकारों के समय निलंबित किये गए। दुर्गा शक्ति से पहले 2003 में आईएएस अजय मिश्र, आईएफएस के उमेन्द्र, अतिबल सिंह, प्रवीण राव, डॉ बीसी ब्रह्मा, जैसे ईमानदार अधिकारियों ने अपना काम और जनता की सेवा कर्तव्य परायणता के साथ की लेकिन उन्हें निलंबित कर उनके पदों से हटा दिया गया। 

संघ अपने पत्र में ये भी लिखता है जिस तरह से उत्तर प्रदेश सरकार ने इन अधिकारियों को निलंबित किया उसने इन अधिकारियों के मनोबल को तोड़ दिया जिसका असर बाद के वर्षों में उनके काम पर भी पडा। संघ ने सिर्फ वर्तमान सपा सरकार को ही निशाने पर नहीं लिया बल्कि बीते 25 सालों में प्रदेश की सत्ता पर काबिजं उन सभी सरकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जिन्होंने आईएएस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। 

निलंबन को लेकर आईएएस अफसर अब खुलकर सामने आ गए है, दुर्गा शक्ति प्रकरण के बाद जो गुस्सा उत्तर प्रदेश आईएएस और केन्द्रीय आईएएस संघ ने दिखाया उसने एक बात साबित कर दी है कि सरकार का चलने वाला चाबुक अब देश की सबसे बड़ी सेवा में चयनित ये अधिकारी आगे नहीं सहने वाले। 

IAS संघ ने केंद्र सरकार से उनके हितों की रक्षा करने के लिए गुहार लगाई साथ ही ये भी कहा की जिस तरह एक ईमानदार अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐसे मामले में निलंबित कर दिया जिसमें वो अपना काम कर रही थी ये बर्दास्त के बाहर है। सरकार अपनी शक्तियों का बेजा इस्तेमाल कर अफसरों पर कार्रवाई कर रही है जबकि वो भी जनता के सेवक है जितने हम।

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