कोयला ब्लाक आवंटन में हुये घोटाले को लेकर भाजपा केंद्र की मनमोहन सरकार को बख्सने के मूड में नहीं है। कोयला ब्लाक आवंटन मामले में संसद में चल रहा गतिरोध लगातार जारी है। प्रधानमंत्री जहा इस गतिरोध को दूर करने के लिए खुद ही भाजपा नेताओं को मनाने समझाने में लगे है वही पूरी सरकार अपनी अपनी तरह से इस मामले को ख़त्म करने के प्रयास कर रह है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद आगे बढ़ते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली से संपर्क कर चूके है। प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओ की लम्बी मंत्रणा के बाद भी भाजपा नेताओं ने इस मुद्दों को न छोड़ने का इरादा जाहिर करते हुए संसद में आज फिर इस मुद्दों को सदन में गर्म कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री द्वारा सदन में दिये गए बयान पर और उनके सदन से तुरंत चले जाने पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा सदन को सरकार ने 6 दिन पहले बताया था कि कोयला घोटाले की कुछ फाईले गुम हो गई है। आज करीब 6 दिन बितने के बाद भी सरकार इस मामले में कोई बयान नहीं दे रही है।
सुषमा स्वराज ने साफ़ कहा गुम हुई फाइलों के बारे में प्रधानमन्त्री को जवाब देना चाहिये क्यों कि वो खुद उस समय कोयला मंत्रालय का भार संभाले हुये थे। प्रधानमंत्री को खुद जांच के लिये आगे आ जाना चाहिये। सुषमा स्वराज ने ये भ कहा कि सरकार ने गुम हुई फाइलों को लेकर कोई ठोस कदम नही उठाया जबकि अब साफ़ हो गया हा वो फाइले चोरी हो गई है।
सुषमा स्वराज ने साफ़ किया की चोरी हुई वस्तु की सबसे पहले प्राथमिकी दर कराई जाती है। सुषमा स्वराज ने ये भी कहा अगर कल प्रधानमंत्री सदन में रूकते तो उसके बारे में उनसे पूछा जाता लेकिन प्रधानमंत्री खुद कोयला आवंटन में हुये घोटालों में उठे सवालों से बचना चाहते है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद आगे बढ़ते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली से संपर्क कर चूके है। प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओ की लम्बी मंत्रणा के बाद भी भाजपा नेताओं ने इस मुद्दों को न छोड़ने का इरादा जाहिर करते हुए संसद में आज फिर इस मुद्दों को सदन में गर्म कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री द्वारा सदन में दिये गए बयान पर और उनके सदन से तुरंत चले जाने पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा सदन को सरकार ने 6 दिन पहले बताया था कि कोयला घोटाले की कुछ फाईले गुम हो गई है। आज करीब 6 दिन बितने के बाद भी सरकार इस मामले में कोई बयान नहीं दे रही है।
सुषमा स्वराज ने साफ़ कहा गुम हुई फाइलों के बारे में प्रधानमन्त्री को जवाब देना चाहिये क्यों कि वो खुद उस समय कोयला मंत्रालय का भार संभाले हुये थे। प्रधानमंत्री को खुद जांच के लिये आगे आ जाना चाहिये। सुषमा स्वराज ने ये भ कहा कि सरकार ने गुम हुई फाइलों को लेकर कोई ठोस कदम नही उठाया जबकि अब साफ़ हो गया हा वो फाइले चोरी हो गई है।
सुषमा स्वराज ने साफ़ किया की चोरी हुई वस्तु की सबसे पहले प्राथमिकी दर कराई जाती है। सुषमा स्वराज ने ये भी कहा अगर कल प्रधानमंत्री सदन में रूकते तो उसके बारे में उनसे पूछा जाता लेकिन प्रधानमंत्री खुद कोयला आवंटन में हुये घोटालों में उठे सवालों से बचना चाहते है।
No comments:
Post a Comment