उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव देश के सबसे मंहगे क्षेत्रों में शुमार नोएडा नही जाना चाहते। अखिलेश यादव ने एक बार फिर नोएडा जाने से कन्नी काट ली, प्रदेश में ये प्रचलित है जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है उसकी सत्ता जाती है और वो दुबारा मुख्यमंत्री नही बन पाता यही वजह है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नोएडा जाने से बचते है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोएडा में बनाया गए नैसकाम के मुख्यालय का उद्घाटन दिल्ली में बैठकर कर दिया। मुख्यमंत्री के दिल्ली के सटे महज कुछ किलोमीटर पर स्थित नोएडा शहर से अपनी दूरी बनाये रखी। पत्रकारों ने जब इस बाबत उनसे पूछा तो उनका जवाब क्या था।
मुख्यमंत्री ने अपनी चिर परिचित मुस्कुराहट में कहा "वहा पत्रकार बैठते है इस लिए वो नोएडा नहीं जाना चाहते"। मुख्यमंत्री ने भले ही ये बात मज़ाक में कही हो लेकिन उन्होंने अपने अंध विश्वास और नोएडा से उनकी दूरी के साथ उनके डर को भी उजागर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने पत्रकार बिरादरी पर भी चुटकी लेते हुये तंज़ कस दिया और उनके वहा होने की बात कह कर नोएडा के बारे में उनके मन में बैठे डर को भी मज़ाक में उड़ा दिया। मुख्यमंत्री के अन्धविश्वासी होने की बात कहकर कांग्रेस ने उनकी चुटकी भी ली।
गौरतलब है उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में ऐसा टोटका प्रचलित है कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाता है वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बन पाता है। गौरतलब है कि अखिलेश ने साफ्टवेयर निर्यातक कंपनियों के राष्ट्रीय संगठन नैसकाम के मुख्यालय(नोएडा) का शिलान्यास नोएडा जाकर वहां करने के बजाय दिल्ली के होटल से करने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोएडा में बनाया गए नैसकाम के मुख्यालय का उद्घाटन दिल्ली में बैठकर कर दिया। मुख्यमंत्री के दिल्ली के सटे महज कुछ किलोमीटर पर स्थित नोएडा शहर से अपनी दूरी बनाये रखी। पत्रकारों ने जब इस बाबत उनसे पूछा तो उनका जवाब क्या था।
मुख्यमंत्री ने अपनी चिर परिचित मुस्कुराहट में कहा "वहा पत्रकार बैठते है इस लिए वो नोएडा नहीं जाना चाहते"। मुख्यमंत्री ने भले ही ये बात मज़ाक में कही हो लेकिन उन्होंने अपने अंध विश्वास और नोएडा से उनकी दूरी के साथ उनके डर को भी उजागर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने पत्रकार बिरादरी पर भी चुटकी लेते हुये तंज़ कस दिया और उनके वहा होने की बात कह कर नोएडा के बारे में उनके मन में बैठे डर को भी मज़ाक में उड़ा दिया। मुख्यमंत्री के अन्धविश्वासी होने की बात कहकर कांग्रेस ने उनकी चुटकी भी ली।
गौरतलब है उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में ऐसा टोटका प्रचलित है कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाता है वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बन पाता है। गौरतलब है कि अखिलेश ने साफ्टवेयर निर्यातक कंपनियों के राष्ट्रीय संगठन नैसकाम के मुख्यालय(नोएडा) का शिलान्यास नोएडा जाकर वहां करने के बजाय दिल्ली के होटल से करने का निर्णय लिया।
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