साल 2000 में भारतीय टेलीविजन में आम भारतियों के जीवन को बदलने वाले एक शो ने दस्तक दी थी, इस शो को कौन बनेगा करोड़पति के नाम से प्रसारित किया गया। स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले इस शो में लोगो ने उतनी रूचि नहीं दिखाई थी जितनी दिखानी चाहिये लेकिन एक शख्स ने आम भारतीयों को उनके टीवी सेट्स के सामने बैठने पर मजबूर कर दिया वो थे सदी के महानायक अमिताभ बच्चन।
अमिताभ बच्चन भी उन दिनों गुमनामी में चले गए थे, लेकिन क्वीज मास्टर के नाम से मशहूर सिद्धार्थ बसु ने अपने दिमाग की उपज से जब इस शो का प्लाट निकाला तो प्रतिभागियों से सवाल को अपने अंदाज में पूछने के लिए पहला नाम जो उनके दिमाग में आया वो अमिताभ बच्चन का ही था। अमित जी के इस शो से जुड़ने की वजह से पहले ही ये शो चर्चा में आ गया था।
इस शो ने भारतीय टेलीविजन को भी नया आयाम दिया था। भारत में सेटेलाईट चैनल्स अपनी जगह बनाने में लगे हुये थे। स्टार प्लस पर रात 9 बजे प्रसारित होने वाले इस शो की टीआरपी उस समय सबसे ज्यादा मापी गई थी। शो अपनी शुरुवात और प्रतिभागियों के पैसे कमाने की वजह से लगातार चर्चा में आ रहा था लेकिन शो को असली सफलता तब मिली जब इस शो से पहले प्रतिभागी ने एक करोड़ रुपये जीतकर पहला करोड़पति बनने का श्रेय हासिल किया था।
15 सवाल तीन लाइफ लाइन और आप बन सकते है पहले करोड़पति कुछ ऐसा ही लक्ष्य लेकर शो में आये थे हर्षवर्धन नवाथे जो मुम्बई के थे जिनकी आँखों में भारतीय प्रशासनिक सेवा का बड़ा अधिकारी बनने का सपना पल रहा था, लेकिन हर्षवर्धन नवाथे पर लक्ष्मी क मेहरबानी होनी थी जो इस शो कौन बनेगा करोड़पति के माध्यम से हुई।
कहते है जहा लक्ष्मी रहती है वहा सरस्वती का वास नहीं होता लेकिन हर्षवर्धन नवाथे के साथ ऐसा नहीं था हर्षवर्धन नवाथे को इस शो के माध्यम से मिली लक्ष्मी में सरस्वती का बहुत बड़ी भूमिका थी वो अलग बात है की लक्ष्मी के आते ही हर्षवर्धन से सरस्वती रूठ गई थी लेकिन तब तक मुम्बई का ये 27 वर्षीय लड़का पूरे भारत में मशहूर हो चूका था।
हर्षवर्धन नवाथे इस शो को जीतकर पहले करोड़पति बन चुके थे, शो जीतने के एवज में उन्हें अपने IAS बनने के सपने को खोना पडा। पैसा आया तो मन चंचल हो गया इस पैसे का इस पैसे का इस्तेमाल हर्षवर्धन ने अपना जीवन शैली को सुधारने में खर्च किया। मुंबई में घर , MBA की पढ़ाई और 2007 में शादी आज कई कार्पोरेट कंपनियों में काम करने के बाद हर्षवर्धन कृषि क्षेत्र से जुड़ कर किसानो की भलाई के काम में लगे है।
हर्षवर्धन की उस जीत ने करोडो हिन्दुस्तानियों के मन और आँखों में सपने के साथ एक विश्वास भी भर दिया कि वो भी ज्ञान के माध्यम से अपने हकीक़त में बदल सकते है बस जरुरत है, भाग्य और खुद पर विश्वास की। हर्षवर्धन द्वारा सन 2000 में खींची गई उस लाइन को आज कई लोगो ने पार कर लिया है और अपने साथ कई लोगो की ज़िन्दगी बदल दी है।
महानायक एक बार फिर 6 सितम्बर से सोनी चैनल पर करोड़पति का सांतवा सीजन लेकर आ रहे है। नए सीजन में ईनाम राशि 7 करोड़ रुपये रखी गई है। इस सीजन की टैग लाइन अमित जी अपने ही अंदाज में कुछ इस तरह बोलते है कि "ज्ञान की कोई सीमा नही होती" वो सही है लेकिन हमारा ये मानना है इस ज्ञान के साथ भाग्य भी करोड़ों हिन्दुस्तानियों से प्रबल होना चाहिये तभी आप उस ज़िन्दगी बदलने वाली कुर्सी तक पहुँच सकते है।
अमिताभ बच्चन भी उन दिनों गुमनामी में चले गए थे, लेकिन क्वीज मास्टर के नाम से मशहूर सिद्धार्थ बसु ने अपने दिमाग की उपज से जब इस शो का प्लाट निकाला तो प्रतिभागियों से सवाल को अपने अंदाज में पूछने के लिए पहला नाम जो उनके दिमाग में आया वो अमिताभ बच्चन का ही था। अमित जी के इस शो से जुड़ने की वजह से पहले ही ये शो चर्चा में आ गया था।
इस शो ने भारतीय टेलीविजन को भी नया आयाम दिया था। भारत में सेटेलाईट चैनल्स अपनी जगह बनाने में लगे हुये थे। स्टार प्लस पर रात 9 बजे प्रसारित होने वाले इस शो की टीआरपी उस समय सबसे ज्यादा मापी गई थी। शो अपनी शुरुवात और प्रतिभागियों के पैसे कमाने की वजह से लगातार चर्चा में आ रहा था लेकिन शो को असली सफलता तब मिली जब इस शो से पहले प्रतिभागी ने एक करोड़ रुपये जीतकर पहला करोड़पति बनने का श्रेय हासिल किया था।
15 सवाल तीन लाइफ लाइन और आप बन सकते है पहले करोड़पति कुछ ऐसा ही लक्ष्य लेकर शो में आये थे हर्षवर्धन नवाथे जो मुम्बई के थे जिनकी आँखों में भारतीय प्रशासनिक सेवा का बड़ा अधिकारी बनने का सपना पल रहा था, लेकिन हर्षवर्धन नवाथे पर लक्ष्मी क मेहरबानी होनी थी जो इस शो कौन बनेगा करोड़पति के माध्यम से हुई।
कहते है जहा लक्ष्मी रहती है वहा सरस्वती का वास नहीं होता लेकिन हर्षवर्धन नवाथे के साथ ऐसा नहीं था हर्षवर्धन नवाथे को इस शो के माध्यम से मिली लक्ष्मी में सरस्वती का बहुत बड़ी भूमिका थी वो अलग बात है की लक्ष्मी के आते ही हर्षवर्धन से सरस्वती रूठ गई थी लेकिन तब तक मुम्बई का ये 27 वर्षीय लड़का पूरे भारत में मशहूर हो चूका था।
हर्षवर्धन नवाथे इस शो को जीतकर पहले करोड़पति बन चुके थे, शो जीतने के एवज में उन्हें अपने IAS बनने के सपने को खोना पडा। पैसा आया तो मन चंचल हो गया इस पैसे का इस पैसे का इस्तेमाल हर्षवर्धन ने अपना जीवन शैली को सुधारने में खर्च किया। मुंबई में घर , MBA की पढ़ाई और 2007 में शादी आज कई कार्पोरेट कंपनियों में काम करने के बाद हर्षवर्धन कृषि क्षेत्र से जुड़ कर किसानो की भलाई के काम में लगे है।
हर्षवर्धन की उस जीत ने करोडो हिन्दुस्तानियों के मन और आँखों में सपने के साथ एक विश्वास भी भर दिया कि वो भी ज्ञान के माध्यम से अपने हकीक़त में बदल सकते है बस जरुरत है, भाग्य और खुद पर विश्वास की। हर्षवर्धन द्वारा सन 2000 में खींची गई उस लाइन को आज कई लोगो ने पार कर लिया है और अपने साथ कई लोगो की ज़िन्दगी बदल दी है।
महानायक एक बार फिर 6 सितम्बर से सोनी चैनल पर करोड़पति का सांतवा सीजन लेकर आ रहे है। नए सीजन में ईनाम राशि 7 करोड़ रुपये रखी गई है। इस सीजन की टैग लाइन अमित जी अपने ही अंदाज में कुछ इस तरह बोलते है कि "ज्ञान की कोई सीमा नही होती" वो सही है लेकिन हमारा ये मानना है इस ज्ञान के साथ भाग्य भी करोड़ों हिन्दुस्तानियों से प्रबल होना चाहिये तभी आप उस ज़िन्दगी बदलने वाली कुर्सी तक पहुँच सकते है।
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