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Wednesday, 4 September 2013

आखिर क्यों न डरे महिला हवलदार

आपरेशन मजनू, आपरेशन रोड रोमियो, और आपरेशन छैला चलाने वाली पुलिस के अन्दर ही मजनू, रोमियो, और छैला प्रवृति के अफसर हो तो राह चलती लड़कियों की क्या कहे, थाने के अन्दर तैनात महिला कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है। राजधानी के ट्रांस गोमती इलाके में स्थित एक थाने के थानेदार की आशिकी के चर्चे तो वैसे काफी आम थे लेकिन उनकी आशिकी का शिकार जब उनकी सहकर्मी एक हवालदार हो गई तो हंगामा बरप गया। 

ट्रांस गोमती स्थित इस थाने में पुलिस वालों के बीच दरोगा जी के आशिकी के चर्चे वैसे तो उनके सहकर्मी एक दूसरे से चटकारे लेकर सुनते-सुनाते थे लेकिन दरोगा जी एक महिला हवलदार पर फ़िदा थे ये किसी को पता नहीं था। दरोगा जी अपना प्रेम गाहे-बेगाहे उक्त महिला हवलदार को दिखा भी दिया करते थे। दरोगा जी की आशिकी दिन ब दिन बढ़ती जा रही थी। हालात उस महिला हवलदार के लिए खराब हो रहे थे, उसकी मजबूरी ये थी कि वो अपनी पीड़ा किसी से कह नहीं सकती थी, वजह वर्दी वालों के कुछ नियम क़ानून अपने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बनाये गए है। 

महिला हवलदार अपने ऊपर हो रहे इस आशिकाना हमले को झेलते हुये खुद को अपने ही अधिकारी से बचाने में लगी थी। लेकिन सोमवार को उक्त थानेदार ने सारी हदे पार कर दी और महिला हवलदार को अपने कमरे में बुलाकर आपत्तिजनक बाते करने लगे। महिला हवलदार ने पहले तो उन्हें ऐसी बातो के लिए मना करने से मना कर दिया लेकिन थानेदार साहब अपनी आशिकी के जलवे उसे दिखाने लगे और कामंधता में इतने अंधे हो गये कि उन्होंने उक्त महिला हवलदार का हाथ पकड़ कर उससे अपने प्यार को स्वीकार करने का अनुरोध करने लगे। महिला हवलदार अपने अधिकारी की इस हरकत से खासी डर गई। 

थानेदार साहब ने उक्त महिला के हाथ पर पहले प्यार की निशानी दिल का चित्र बनाया और उसके हाथ पर "आई लव यू" लिख दिया। थानेदार की इस हरकत से महिला हवलदार डर गई तब तक थानेदार साहब की हिम्मत बढ़ चुकी थी वो उक्त हवलदार के साथ अश्लील हरकत पर उतारू हो गए। संघर्ष के बाद हवलदार ने अपने आप को थानेदार के चंगुल से किसी तरह बचाया और थाना परिसर स्थित क्षेत्राधिकारी के आफिस में पहुँच गई। क्षेत्राधिकारी ने महिला हवलदार की बात सुनी और अवाक रह गए लेकिन हवलदार की आपबीती सुनने के बाद आवश्यक कदम उठाने की जगह उन्होंने जो बात कही वो अविश्वसनीय थी| 

सीओ साहब ने विभाग की बदनामी का डर दिखा कर उक्त हवलदार को चुप रहने की सलाह दे डाली लेकिन महिला हवलदार ने अपनी इज्जत पर हाथ डालने वाले उक्त थानेदार को सबक सिखाने का मन बना लिया था, सीओ की बात न मानने के एवज में सीओ साहब ने उन्हें जबरिया एक हफ्ते की छुट्टी पर भेज दिया। महिला हवलदार थाने से निकल कर डीआईजी नवनीत सिकेरा द्वारा स्थापित"वूमेन पावर हेल्प लाइन" आफिस चली गई और थानेदार के खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होते ही बात उच्चाधिकारियों तक पहुंची जिसमें डीआईजी नवनीत सिकेरा तक के कानो में महिला हवलदार का मामला पहुँच गया। 

अधिकारी के साथ पूरा पुलिस विभाग थानेदार की हरकत को लेकर शर्मिन्दा है, वही महिला हवलदार इस मामले को ठंडा न होने देने की बात कह अपने ही अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रही है। ट्रांस गोमती इलाके में स्थित इस थाने के थानेदार एक ख़ास समुदाय के बताये जा रहे है जिनके ऊपर आजकल सरकार भी खासी मेहरबान दिखाई पड़ रही है। देखना है कि वूमेन पावर हेल्प लाइन और खुद डीआईजी नवनीत सिकेरा अपनी इस मातहत को न्याय दिला पाते है या नहीं|

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