मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर मेडिकल कालेज कि छात्रा नीरज भडाना हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौपने के करीब डेढ़ महीने के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर इस हत्याकांड की जाँच शुरु कर दी। दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में इस मामले की तफ्तीश क्राइम शाखा को सौंपी गई। गौरतलब है इस सनसनीखेज मौत की खबर प्रकाशित करने पर पर्दाफाश ने पहले ही तीर्थंकर महावीर मेडिकल कालेज और उसके प्रबंधकीय पर सवाल खड़े किये।
पर्दाफाश डाट काम ने अपनी 12 जुलाई की रिपोर्ट "मेडिकल छात्रा की हत्या को आत्महत्या बता रहा तीर्थंकर विश्वविद्यालय, मुलायम करायेंगे जांच" में साफ़ लिखा था कि विश्वविध्यालय प्रशासन मेडिकल छात्रा नीरज भडाना की ह्त्या को आत्महत्या बताकर अपना पल्ला झाड़ना चाहता है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया था की नीरज भड़ाना की गला दबा कर ह्त्या की गई थी साथ ही दुष्कर्म की आशंका भी व्यक्त की गई थी।
नीरज भड़ाना केस में तीर्थंकर महावीर मेडिकल कालेज ह्त्या किये जाने क बात से लगातार इंकार कर रहा था। वही उके परिजन लगातार स मामले की जाँच सीबीआई से कराये जाने की मांग कर रहे थे। वही नीरज भड़ाना के परिजनों के साथ मुरादाबाद में हुई इस घटना को लेकर स्थानीय सामाजिक संगठनों ने छात्रों के साथ मिलकर प्रदेश की सत्तारूढ़ सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के दिल्ली स्थित आवास का घेराव किया। मुलायम सिंह यादव ने भी मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है और तीन-चार दिन का वक्त मांगा था।
र्तीथकर महावीर मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा नीरज भड़ाना की मौत 6 जुलाई को हुई थी। छात्रा के पिता फरीदाबाद निवासी रामकिशोर भड़ाना ने यह दावा किया था कि यह मौत नहीं, बल्कि साजिशन हत्या की गई थी और मेरी बेटी की ह्त्या में कॉलेज प्रशासन भी संलिप्त है। बीते 24 जुलाई को प्रदेश क सपा सरकार ने इस संदिग्द मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। वही प्रदेश सरकार ने पहले इस जांच को सीबीसीआईडी ने किया बरेली सेक्टर की टीम इस जांच को कर रह थी, प्रदेश सरकार द्वारा जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद स्थानीय सीबीसीआईडी
टीम ने अभी दस्तावेज सीबीआई अधिकारीयों के सुपुर्द कर दिये।
सीबीसीआईडी के एडीजी जगमोहन यादव का कहना है कि अभी तक स्थानीय स्तर पर हुई जांच में बयानों के आधार पर और पड़ताल में साफ़ हुआ है कि नीरज की ह्त्या की गई और साक्ष्यो को मिटाने के लिए नीरज के शव को छात्रावास से बाहर फेंक दिया गया था। सीबीआई अब इस ह्त्या के मामले की जांच उन फारेंसिक रिपोर्टो के आधार पर शुरू करेगी जो ह्त्या के बाद जांच में सामने आये। नीरज की ह्त्या के बाद उसके शरीर की कोई हड्डी का न टूटना भी संदेह पैदा कर रहा था यही वजह है की सरकार ने इस संदेहास्पद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
डेढ़ महीने पहले सौंपी गई इस जांच में अब सीबीआई आगे की जांच करेगी साथ ही नीरज के पिता रामकिशोर भड़ाना की मांग पर कालेज प्रशासन की भी जांच करेगी जिसपर शुरू से ही संदेह किया जा रहा था। दो महीने पहले हुये इस हत्याकांड में मेडिकल कालेज प्रशासन का सच भी सामने आयेगा जो अभी तक दुनिया से छुपा हुआ है। बहरहाल नीरज के परिजनों के साथ उन सामाजिक संगठनो का प्रयास भी रंग लाया है अब सीबीआई इस मामले की तह तक कब तक पहुंचती है ये उसकी फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने पर ही पता चलेगा।
पर्दाफाश डाट काम ने अपनी 12 जुलाई की रिपोर्ट "मेडिकल छात्रा की हत्या को आत्महत्या बता रहा तीर्थंकर विश्वविद्यालय, मुलायम करायेंगे जांच" में साफ़ लिखा था कि विश्वविध्यालय प्रशासन मेडिकल छात्रा नीरज भडाना की ह्त्या को आत्महत्या बताकर अपना पल्ला झाड़ना चाहता है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया था की नीरज भड़ाना की गला दबा कर ह्त्या की गई थी साथ ही दुष्कर्म की आशंका भी व्यक्त की गई थी।
नीरज भड़ाना केस में तीर्थंकर महावीर मेडिकल कालेज ह्त्या किये जाने क बात से लगातार इंकार कर रहा था। वही उके परिजन लगातार स मामले की जाँच सीबीआई से कराये जाने की मांग कर रहे थे। वही नीरज भड़ाना के परिजनों के साथ मुरादाबाद में हुई इस घटना को लेकर स्थानीय सामाजिक संगठनों ने छात्रों के साथ मिलकर प्रदेश की सत्तारूढ़ सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के दिल्ली स्थित आवास का घेराव किया। मुलायम सिंह यादव ने भी मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है और तीन-चार दिन का वक्त मांगा था।
र्तीथकर महावीर मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा नीरज भड़ाना की मौत 6 जुलाई को हुई थी। छात्रा के पिता फरीदाबाद निवासी रामकिशोर भड़ाना ने यह दावा किया था कि यह मौत नहीं, बल्कि साजिशन हत्या की गई थी और मेरी बेटी की ह्त्या में कॉलेज प्रशासन भी संलिप्त है। बीते 24 जुलाई को प्रदेश क सपा सरकार ने इस संदिग्द मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। वही प्रदेश सरकार ने पहले इस जांच को सीबीसीआईडी ने किया बरेली सेक्टर की टीम इस जांच को कर रह थी, प्रदेश सरकार द्वारा जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद स्थानीय सीबीसीआईडी
टीम ने अभी दस्तावेज सीबीआई अधिकारीयों के सुपुर्द कर दिये।
सीबीसीआईडी के एडीजी जगमोहन यादव का कहना है कि अभी तक स्थानीय स्तर पर हुई जांच में बयानों के आधार पर और पड़ताल में साफ़ हुआ है कि नीरज की ह्त्या की गई और साक्ष्यो को मिटाने के लिए नीरज के शव को छात्रावास से बाहर फेंक दिया गया था। सीबीआई अब इस ह्त्या के मामले की जांच उन फारेंसिक रिपोर्टो के आधार पर शुरू करेगी जो ह्त्या के बाद जांच में सामने आये। नीरज की ह्त्या के बाद उसके शरीर की कोई हड्डी का न टूटना भी संदेह पैदा कर रहा था यही वजह है की सरकार ने इस संदेहास्पद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
डेढ़ महीने पहले सौंपी गई इस जांच में अब सीबीआई आगे की जांच करेगी साथ ही नीरज के पिता रामकिशोर भड़ाना की मांग पर कालेज प्रशासन की भी जांच करेगी जिसपर शुरू से ही संदेह किया जा रहा था। दो महीने पहले हुये इस हत्याकांड में मेडिकल कालेज प्रशासन का सच भी सामने आयेगा जो अभी तक दुनिया से छुपा हुआ है। बहरहाल नीरज के परिजनों के साथ उन सामाजिक संगठनो का प्रयास भी रंग लाया है अब सीबीआई इस मामले की तह तक कब तक पहुंचती है ये उसकी फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने पर ही पता चलेगा।
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