उतराखंड में भाजपा की सरकार ना हो लेकिन मोदी ने वहा एक तरह से गुजरात की सरकार उतार कर अपने प्रदेश के 15 हज़ार नागरिकों को दो दिन में ही निकाल ले गए| मोदी का मैनेजमेंट उत्तराखंड सरकार पर भारी पड़ गया| उत्तराखंड में बरपे कुदरत के कहर के बाद अपनी गुजराती स्पेशल 'रेस्क्यू टीम' संग देहरादून पहुंचे नरेंद्र मोदी सुपरमैन की तरह आये और गुजराती श्रद्धालुओं को वहां से ले गए। उत्तराखंड में इन दो दिनों में मोदी अपनी खास कार्यशैली से कांग्रेस की विजय बहुगुणा सरकार और आपदा में लगे अधिकारियों को काम का तरीका सिखा गए।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार रात अचानक देहरादून पहुंचे। मोदी अपने साथ अपनी एक पूरी गुजरात से रेस्क्यू टीम लेकर आए थे। इसमें 5 आईएएस , 1 आईपीएस, 1 आईएफएस और दो गुजरात प्रशासनिक सेवा के आला अधिकारी थे। इसके अलावा दो डीएसपी और 5 पुलिस इंस्पेक्टर भी उनकी टीम का हिस्सा थे। देहरादून पहुंचते ही मोदी ने सबसे पहले जौली ग्रांट एयरपोर्ट पर इंतजार में बैठे करीब 150 गुजराती तीर्थ यात्रियों को अपने साथ लाये चार्टर्ड प्लेन से अहमदाबाद भेज दिया।
इसके बाद दिन में अपने साथ आई टीम के साथ मीटिंग करते रहे। बाढ़ से प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों में फसें गुजरातियों को देहरादून तक पहुंचाने के लिए 80 एसयूवी लगाई गई थीं। इसके अलावा चार बोइंग विमान का भी इंतजाम था। 25 लग्जरी बसों से कई यात्रियों को दिल्ली रवाना किया गया जिसको खुद नरेन्द्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गुजरात के नागरिकों के लिए चल रहे इस रेस्क्यू कार्यक्रम दिल्ली और देहरादून में तैनात दो सीनियर आईएएस अधिकारियों की देखरेख में हो रहा था। इसके अलावा हरिद्वार में भी एक मेडिकल टीम तैनात की गई थी। बताया जाता है कि टिहरी में लोगों के सड़क जाम करने के कारण एक गुजराती श्रद्धालु की कार वहां फंस गई थी। मोदी की टीम के आईएएस अधिकारी ने तुरंत उसे वहां से निकलवाया।
उधर, उत्तराखंड बीजेपी के नेता मोदी के इस स्टाइल से बेहद प्रभावित हैं। वह उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं। बीजेपी नेता अनिल बलूनी ने कहा, 'उन्होंने जो कुछ भी कहा वह शानदार था। अगर किसी को यह पसंद नहीं आ रहा है तो क्या किया जा सकता है।

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