भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ने के एक दिन बाद जनता दल (युनाइटेड) के नेता व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि भाजपा में अटल-आडवाणी युग समाप्त हो गया है, और नए नेताओं के साथ काम करना कठिन हो गया था।
साप्ताहिक जनता दरबार के बाद नीतीश ने कहा, भाजपा अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे अपने वरिष्ठ नेताओं को भूल गई है, जिन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पार्टी उस राष्ट्रीय एजेंडे को भी भूल गई है, जिसे सभी के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
नीतीश ने कहा, भाजपा में वाजपेयी और आडवाणी का युग समाप्त हो गया है और अब एक नया युग शुरू हो गया है। भाजपा के इस नए युग के नेताओं के साथ काम करना जद (यू) के लिए कठिन हो गया था।
भाजपा और जद (यू) के बीच दरार, नीतीश द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध और मोदी को अगले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के निर्णय का विरोध करने के कारण पैदा हुई।
रविवार को नीतीश ने राज्यपाल डी.वाई. पाटील से सिफारिश की कि भाजपा के सभी 11 मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया जाए, क्योंकि उन सभी ने कामकाज बंद कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का संकल्प लिया।
इसके साथ जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने भी घोषणा की कि वह राजग के संयोजक पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
नीतीश ने कहा कि भाजपा से गठबंधन समाप्त करने का जद (यू) का निर्णय पार्टी के भीतर पर्याप्त विचार-विमर्श के बाद लिया गया। उन्होंने कहा, जद (यू) का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया। यह सही समय पर लिया गया।
राजग में टूट के लिए उन्होंने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। नीतीश ने कहा, "भाजपा ने हमें गठबंधन तोड़ने के लिए मजबूर किया।"
नीतीश ने भाजपा नेताओं के इस आरोप से भी इंकार किया कि जद (यू) ने गठबंधन तोड़कर बिहार की जनता से धोखा किया है। उन्होंने कहा, "जनादेश बिहार के विकास के लिए मिला था और हम इसे कर रहे हैं।"

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