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Wednesday, 26 June 2013

स्वर्ग पर दौड़ी रेल

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर की सुहानी यात्रा का लुत्फ़ अब आम भारतीय रेल से उठा सकते है। आज देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बनिहाल - काजीगुंड रेलमार्ग देश को समर्पित किया। 

18 किलोमीटर लम्बे रेल मार्ग का उद्घाटन करते हुए मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने ख़ुशी जाहिर की और कहा कश्मीर अब देश के सभी हिस्सों से रेल मार्ग से जुड़ गया है। इस रेल मार्ग के शुरू होने से इस क्षेत्र की तरक्की भी तेज़ी से होगी। 

बनिहाल - काजीगुंड के बीच 27 जून से नियमित रेल गाड़िया चलेगीं, इस ट्रैक पर चलने के लिए रेलवे ने सात जोड़ी रेलगाड़िया चलाने का फैसला किया है। ये रेलवे ट्रैक 11 किलोमीटर उस सुरंग से गुजरेगा जिसे एशिया में तीसरी सबसे बड़ी सुरंग होने का दावा किया गया है। 

करीब 1691 करोड़ की लागत से बनी ये सुरंग और रेल ट्रैक पूरे भारत को कश्मीर की सुन्दर वादियों से जोड़ेगी बनिहाल से बारामुला के बीच चलने वाली रेलगाड़ी रोजाना पांच चक्कर लगायेगी। इस सेवा की शुरुवात बनिहाल से कल से सुबह 7.10 से शुरू हो जायेगी वह बारमुला से चलने वाली गाड़ी रोजना 7.35 मिनट पर छुटेगी। 

18 किलोमीटर की लंबाई वाले इस रेलखंड पर जम्मू के बनिहाल और कश्मीर के काजीगुंड को जोड़ा गया है। अब लद्दाख जाने के लिए पर्यटकों को 17-18 घंटे की थकाऊ यात्रा नहीं करनी होगी। मात्र छह से सात घंटे में वह श्रीनगर और फिर लद्दाख पहुंच सकेंगे। 

जम्मू को कश्मीर से रेल सेवा से जोड़ने वाली पीर पंजाल की वजह से ही ये यात्रा इतनी सुगम हो सकी है| बनिहाल से काजीगुंड के बीच लगभग 11 किलोमीटर की यह सुरंग देश की सबसे लंबी सुरंग है, इस रेलखंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सर्दियों में भी यह सुरंग खुली रहेगी।

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