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Friday, 28 June 2013

सेवा का दूसरा नाम भारतीय सेना, शाबाश जवानो शाबाश

उत्तराखंड आपदा के बाद वहां फंसे तीर्थ यात्रियों और स्थानीय निवासियों को जिस तरह सेना के जवानो ने राहत पहुंचाई और भयंकर बाढ़ और बारिश में राहत और बचाव कार्य किया उसकी सराहना चारों तरफ हो रही है| सचिन तेंदुलकर से लेकर, अमिताभ बच्चन, हरभजन सिंह और वो हज़ारों तीर्थ यात्री जिन्होंने मौत को करीब से देखा और जान बचाने के लिए लाशो का भी सहारा लिया आज वो सेना, ITBP , NDRF , नेवी, और वायु सेना को दिल से दुआ और शुभकामनाये दें रहे है| 

भारतीय सेना में शामिल इन तीनो अंगो और अपनी जांबाजी के लिए प्रसिद्द अर्धसैनिक बलों को सरकार और जनता से कुछ नहीं चाहिए बस उन्हें प्रसंशा के दो बोल ही दुगनी ताकत से अपने मिशन को पूरा करने की ताकत और जज्बा दे देते है| जोश और जज्बे से भरी आर्मी को आज उनके अगुवा जनरल बिक्रम सिंह की भी शाबाशी मिल गई| आज सेना प्रमुख ने अपनी सेना की कर्तव्य परायणता की प्रशंसा करते हुए उनके द्वारा उत्तराखंड में किये गए बाचाव और राहत कार्य के लिए सराहना की साथ ही उनके जोश के लए शाबाशी भी दी|

उत्तराखंड आपदा में आर्मी, अर्धसैनिक बलों और NDRF ने पीड़ित और पहाड़ो के बीच फंसे लोगो को बचाने के लिये अपनी पूरी ताकत लगा दी| सभी अंगो के जवानो ने आपदा के 13वें दिन तक करीब एक लाख लोगो को आपदा ग्रस्त क्षेत्रों से निकाला| इस मिशन में सेना के तीनो अंगो के हजारों जवान लगाए गए| पीड़ितों को बाहर निकालने के लिये करीब 55 हेलीकाप्टर का सहारा लिया गया जिसमें कुछ प्राईवेट कंपनियों के भी थे| 

राहत और बचाव कार्य के दौरान इन जवानो के मन पर एक घटना ने जख्म भी दे दिया जब 25 जून को अंतिम संस्कार का सामान लेकर सेना का हेलीकाप्टर MI-17 केदारघाटी गया था, वापसी करते हुये गौरीकुंड के पास हेलीकाप्टर MI-17 हादसे का शिकार हो गया इसमें सवार सभी 20 लोगो मारे गए| सेना ने अपने जवान खोये तो NDRF ने अपने जांबाजों को इस घटना में खो दिया, जिसने देश को भी शोक में डाल दिया|

हेलीकाप्टर MI-17 के क्रैश होने के बाद भी सेना और सभी अंगो का जोश कम नहीं हुआ, अगले दिन देहरादून पहुंचे वायु सेना प्रमुख एन ए के ब्राउन ने शोक के हालत में कहा कि इस आपदा में फंसे अंतिम आदमी को निकाले जाने तक हेलीकाप्टर के पंखे बंद नहीं होंगे| आज सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने भी सेना के काम और जज्बे को सलाम करते हुये उनके काम को सराहा| 

देश सेना के जज्बे और उत्तराखंड में उनके द्वारा पहुंचाई गए राहत को सलाम करता है| आज जो लोग बच गये वो सेना को ही धन्यवाद कर रहे है, नहीं तो देश की राजनीति और राजनेताओं ने श्रेय लेने के लिए जो अपना विद्रूप चेहरा दिखाया है उसने देश को आपदा के समय शर्मसार ही किया है| हमारी तरफ से भी सेना को उसकी कर्तव्य परायणता के लिए सलाम|

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