छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा विधेयक 2012 विधानसभा में प्रस्तुत किया था, जिसे 21 दिसंबर 2012 को सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। देश में बने पहले खाद्य सुरक्षा कानून की शुरुआत छत्तीसगढ़ से हो चुकी है। इस नये खाद्य सुरक्षा कानून के तहत छत्तीसगढ़ में नए राशन कार्ड बनाने की मुहिम शुरू हो गई है। इसके लिए अधिकारियों को अब तक 62 लाख 58 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं जिन्हें कम्प्यूटरों में दर्ज कर लिया गया है। पात्र लोगों को नए राशन कार्ड बांटे जा रहे हैं।
प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के बाद इनमें से 27 लाख 38 हजार 778 आवेदकों को नए राशन कार्डो के लिए पात्र पाया गया। इनमें से 20 जून तक 23 लाख 84 हजार 531 आवेदकों के राशन कार्ड कम्प्यूटरों के जरिए तैयार किए जा चुके हैं और तेजी से वितरण किया जा रहा है। पिछले माह अपनी विकास यात्रा के विभिन्न पड़ावों में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी इनमें से बड़ी संख्या में लोगों को नए राशन कार्डो का वितरण किया है। पात्रता रखने वाले शेष आवेदकों के राशन कार्ड भी युद्ध स्तर पर तैयार किए जा रहे हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा विधेयक 2012 विधानसभा में प्रस्तुत किया था, जिसे 21 दिसंबर 2012 को सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। यह देश का पहला खाद्य सुरक्षा कानून है, जिसमें छत्तीसगढ़ के प्राथमिकता वाले गरीब परिवारों, अंत्योदय परिवारों और सामान्य परिवारों को मिलाकर लगभग 55 लाख 66 हजार 693 परिवारों को राशन दुकानों से किफायती अनाज देने की कानूनी व्यवस्था की गई है। इनमें 36 लाख 17 हजार परिवार बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे श्रेणी के हैं, जबकि 19 लाख 49 हजार 682 परिवार इस श्रेणी से ऊपर यानी एपीएल श्रेणी के हैं।
राशन कार्ड विहीन परिवारों को नए राशन कार्ड जारी करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया गया और शिविर लगाकर लोगों से आवेदन प्राप्त किए गए। कुल 62 लाख 58 हजार 78 आवेदन प्राप्त हुए।
जिन आवेदनों को नए राशन कार्ड के लिए विचारणीय माना गया, उनमें राशन कार्ड विहीन आवेदक, बीपीएल या मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के वर्तमान कार्ड धारकों द्वारा अंत्योदय योजना के लिए गुलाबी राशन कार्ड के लिए प्रस्तुत आवेदन, अन्नपूर्णा योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायत योजना के तहत हर महीने दस किलो अनाज की पात्रता वाले केशरिया एवं हरे राशन कार्ड धारकों द्वारा अंत्योदय योजना के राशन कार्डो के लिए प्रस्तुत आवेदन तथा वर्तमान एपीएल यानी सफेद राशन कार्ड धारकों द्वारा अंत्योदय (गुलाबी या प्राथमिकता वाले नीले राशन कार्ड के लिए प्रस्तुत आवेदन शामिल हैं। शेष आवेदकों को पुराना आवेदक माना गया है। इसी आधार पर खाद्य विभाग की वेबसाइट में नए एवं पुराने आवेदन की जानकारी दर्ज की गई है।
विभागीय अधिकारियों ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून 2012 में प्राथमिकता श्रेणी के सभी गरीब परिवारों को हर महीने दो रूपए प्रति किलो की दर से 35 किलो अनाज, दो किलो नि:शुल्क आयोडिन नमक (अमृत नमक) और अनुसूचित क्षेत्रों में पांच रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो चना था गैर अनुसूचित क्षेत्रों में दस रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो दाल की पात्रता दी गयी है। प्राथमिकता श्रेणी में भूमिहीन कृषि मजदूरों सहित लघु और सीमान्त कृषक परिवार, असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिक परिवार, भवन एवं अन्य सन्निर्माण में पंजीकृत श्रमिक शामिल किए गए हैं। अन्त्योदय श्रेणी में विशेष पिछड़ी बैगा, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार और अबूझमाड़िया जनजातियों के सभी परिवारों को शामिल किया गया है।
अंत्योदय श्रेणी में ऐसे परिवार भी शामिल किए गए है, जिनकी मुखिया घर की एकाकी महिला है। इसके अलावा जिन परिवारों के मुखिया किसी लाइलाज बीमारी से पीड़ित हैं, जिन परिवारों के मुखिया नि:शक्त व्यक्ति हैं या वृद्ध और निराश्रित पेंशन धारक है, बंधुआ मजदूरी से विमुक्त श्रमिक हैं और शासकीय योजनाओं में आवास प्राप्त करने की पात्रता रखने वाले आवास विहीन परिवार हैं, उन्हें भी अन्त्योदय श्रेणी में शामिल किया गया है। इन परिवारों को एक रूपए प्रति किलो की दर से 35 किलो चावल की पात्रता है। उन्हें भी प्राथमिकता के श्रेणी के परिवारों की तरह दो किलो नि:शुल्क आयोडिन नमक (अमृत नमक) और अनुसूचित क्षेत्रों में पांच रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो चना था गैर अनुसूचित क्षेत्रों में दस रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो दाल की पात्रता दी गयी है।
सामान्य श्रेणी के परिवारों में ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है। जिनके मुखिया आयकरदाता नहीं हैं। उनके अलावा गैर अनुसूचित क्षेत्रों में चार हेक्टेयर से ज्यादा सिंचित अथवा आठ हेक्टेयर से ज्यादा असिंचित भूमि धारक परिवारों, दैनिक वेतन भोगी चतुर्थ श्रेणी एवं मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों के परिवारों को भी सामान्य श्रेणी में शामिल किया गया है। सामान्य श्रेणी के परिवारों को राशन कार्ड पर साढ़े नौ रूपए प्रति किलो की दर से हर महीने 15 किलो अनाज की पात्रता दी गयी है।
प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के बाद इनमें से 27 लाख 38 हजार 778 आवेदकों को नए राशन कार्डो के लिए पात्र पाया गया। इनमें से 20 जून तक 23 लाख 84 हजार 531 आवेदकों के राशन कार्ड कम्प्यूटरों के जरिए तैयार किए जा चुके हैं और तेजी से वितरण किया जा रहा है। पिछले माह अपनी विकास यात्रा के विभिन्न पड़ावों में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी इनमें से बड़ी संख्या में लोगों को नए राशन कार्डो का वितरण किया है। पात्रता रखने वाले शेष आवेदकों के राशन कार्ड भी युद्ध स्तर पर तैयार किए जा रहे हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा विधेयक 2012 विधानसभा में प्रस्तुत किया था, जिसे 21 दिसंबर 2012 को सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। यह देश का पहला खाद्य सुरक्षा कानून है, जिसमें छत्तीसगढ़ के प्राथमिकता वाले गरीब परिवारों, अंत्योदय परिवारों और सामान्य परिवारों को मिलाकर लगभग 55 लाख 66 हजार 693 परिवारों को राशन दुकानों से किफायती अनाज देने की कानूनी व्यवस्था की गई है। इनमें 36 लाख 17 हजार परिवार बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे श्रेणी के हैं, जबकि 19 लाख 49 हजार 682 परिवार इस श्रेणी से ऊपर यानी एपीएल श्रेणी के हैं।
राशन कार्ड विहीन परिवारों को नए राशन कार्ड जारी करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया गया और शिविर लगाकर लोगों से आवेदन प्राप्त किए गए। कुल 62 लाख 58 हजार 78 आवेदन प्राप्त हुए।
जिन आवेदनों को नए राशन कार्ड के लिए विचारणीय माना गया, उनमें राशन कार्ड विहीन आवेदक, बीपीएल या मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के वर्तमान कार्ड धारकों द्वारा अंत्योदय योजना के लिए गुलाबी राशन कार्ड के लिए प्रस्तुत आवेदन, अन्नपूर्णा योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायत योजना के तहत हर महीने दस किलो अनाज की पात्रता वाले केशरिया एवं हरे राशन कार्ड धारकों द्वारा अंत्योदय योजना के राशन कार्डो के लिए प्रस्तुत आवेदन तथा वर्तमान एपीएल यानी सफेद राशन कार्ड धारकों द्वारा अंत्योदय (गुलाबी या प्राथमिकता वाले नीले राशन कार्ड के लिए प्रस्तुत आवेदन शामिल हैं। शेष आवेदकों को पुराना आवेदक माना गया है। इसी आधार पर खाद्य विभाग की वेबसाइट में नए एवं पुराने आवेदन की जानकारी दर्ज की गई है।
विभागीय अधिकारियों ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून 2012 में प्राथमिकता श्रेणी के सभी गरीब परिवारों को हर महीने दो रूपए प्रति किलो की दर से 35 किलो अनाज, दो किलो नि:शुल्क आयोडिन नमक (अमृत नमक) और अनुसूचित क्षेत्रों में पांच रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो चना था गैर अनुसूचित क्षेत्रों में दस रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो दाल की पात्रता दी गयी है। प्राथमिकता श्रेणी में भूमिहीन कृषि मजदूरों सहित लघु और सीमान्त कृषक परिवार, असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिक परिवार, भवन एवं अन्य सन्निर्माण में पंजीकृत श्रमिक शामिल किए गए हैं। अन्त्योदय श्रेणी में विशेष पिछड़ी बैगा, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार और अबूझमाड़िया जनजातियों के सभी परिवारों को शामिल किया गया है।
अंत्योदय श्रेणी में ऐसे परिवार भी शामिल किए गए है, जिनकी मुखिया घर की एकाकी महिला है। इसके अलावा जिन परिवारों के मुखिया किसी लाइलाज बीमारी से पीड़ित हैं, जिन परिवारों के मुखिया नि:शक्त व्यक्ति हैं या वृद्ध और निराश्रित पेंशन धारक है, बंधुआ मजदूरी से विमुक्त श्रमिक हैं और शासकीय योजनाओं में आवास प्राप्त करने की पात्रता रखने वाले आवास विहीन परिवार हैं, उन्हें भी अन्त्योदय श्रेणी में शामिल किया गया है। इन परिवारों को एक रूपए प्रति किलो की दर से 35 किलो चावल की पात्रता है। उन्हें भी प्राथमिकता के श्रेणी के परिवारों की तरह दो किलो नि:शुल्क आयोडिन नमक (अमृत नमक) और अनुसूचित क्षेत्रों में पांच रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो चना था गैर अनुसूचित क्षेत्रों में दस रूपए प्रति किलो की दर से दो किलो दाल की पात्रता दी गयी है।
सामान्य श्रेणी के परिवारों में ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है। जिनके मुखिया आयकरदाता नहीं हैं। उनके अलावा गैर अनुसूचित क्षेत्रों में चार हेक्टेयर से ज्यादा सिंचित अथवा आठ हेक्टेयर से ज्यादा असिंचित भूमि धारक परिवारों, दैनिक वेतन भोगी चतुर्थ श्रेणी एवं मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों के परिवारों को भी सामान्य श्रेणी में शामिल किया गया है। सामान्य श्रेणी के परिवारों को राशन कार्ड पर साढ़े नौ रूपए प्रति किलो की दर से हर महीने 15 किलो अनाज की पात्रता दी गयी है।
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