सुबह आँख खुली तो एक खबर ने चौका दिया या यूँ कहिये कि 1993 की उस सुबह की याद दिला दी जब उस समय की जवां दिलों की धड़कन हिरोईन दिव्या भारती की मौत का मंजर याद आया, ये खबर थी जिया खान के खुदकुशी की खबर, जिया जिसने अपने फ़िल्मी जीवन की शुरुवात सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की हिरोईन बनकर की थी।
निशब्द फिल्म से पहले जिया खान ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1998 में आई शाहरुख खान, मनीषा कोइराला स्टारर 'दिल से' फिल्म से की थी। दिल से में जिया खान ने मनीषा कोइराला के बचपन का किरदार निभाया था।
जिया खान ने 19 साल कि उम्र में करीब साठ साल के अमिताभ बच्चन कि हिरोइन बनकर फ़िल्मी दुनिया को चौंका दिया। जिया खान जिंदादिल और ज़िन्दगी जीने वाली लड़की थी भले ही जिया उर्फ़ नफीसा खान की पैदाइश अमेरिका के न्यूयार्क और परवरिश ब्रिटेन में हुई हो लेकिन जिया ज़िन्दगी हिन्दुस्तान में ही जीना चाहती थी।
जिया खान ने अपनी फ़िल्मी कैरियर में कुल चार फिल्मों में काम किया जिनमे तीन फ़िल्में उन सुपर स्टार्स के साथ थी जिन्हें देखने सुनने दर्शक पिक्चर हाल में जाते है। जिया ने अमिताभ के साथ 'निशब्द', आमिर खान के साथ 'गज़नी' और अक्षय कुमार के साथ 'हाउसफुल'।
हाउसफुल पिक्चर में एक गाना काफी हिट हुआ जिसे जिया खान और अक्षय कुमार के ऊपर फिल्माया गया था। इस गाने के बोल में एक लाईन थी 'आजा तुझे हेवेन दिखाउंगी;' जिया खान ने अपने फ़िल्मी किरदारों और खुद के काम से दर्शको को हेवेन तो दिखाया ही पर खुद हेवेन देखने कि इतनी जल्दी में थी की उन्होंने खुद को ही मार लिया।
जिया खान एक ज़िंदादिल लड़की का नाम था जिसे जिंदगी ज़ीने में मज़ा आता था, ये बात हम ऐसे ही नहीं कह रहे बल्कि उन तीन फिल्मो में निभाये गए उनके किरदारों को देखकर कह रहे है जिनको जिया जैसी जिंदादिल लड़की और हिरोईन निभा सकती थी।
लोग कह रहे है जिया अवसाद की शिकार थी, अवसाद यानि डीप्रेशन हमारा सवाल है जिया खान के इस अवसाद के पीछे वजह क्या थी। जिया खान के बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली से भी पुलिस ने जिया के अवसाद में जाने कि वजह पूछी लेकिन वो भी कुछ नहीं बता पाया।
दिव्या भारती और जिया खान की मौत की वजह में कुछ समानताये थी, दिव्या भी काफी कम उम्र में मरी जिया भी, दिव्या भारती ने भी ख़ुदकुशी कि जिया ने भी, दिव्या भी डीप्रेशन में थी जिया की भी मौत कि वजह डीप्रेशन बताई जा रही है।
हमारा ये कहना है कि आखिरे ये 'डीप्रेशन' चीज क्या है, जिसने जिया और दिव्या जैसी प्रतिभाशाली हीरोईनो को हमसे छीन लिया। अवसाद में अगर ऐसे लोग मौत को गले लगाने लगे जो अपने जीवन में शुरुआती सफलता पाने के बाद भी अवसाद में चले जा रहे है और मौत को गले लगा लेते है तो ये उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन जायेंगे जो जीवन में क्षणिक असफलता हाथ लगते ही मौत को गले लगाने चल देंगे।
जिया खान की ख़ुदकुशी ने देश को भी निशब्द कर दिया लेकिन अरसद वारसी ने जिया के बारे में लिखते हुए कहा 'ज़िन्दगी को अलविदा कहने की उम्र नहीं थी', यही बात देश भी कह रहा है 'जिया अभी ज़िन्दगी को अलविदा कहने की उम्र नहीं थी, शायद तुम ज़िन्दगी को भूलकर 'गज़नी' बन गई या तुम्हे 'हाउसफुल' के उस गाने 'आजा तुझे हेवेन दिखाउंगी' कि तरह हेवेन (स्वर्ग) देखने की जल्दी थी, या तुमने अवसाद (डीप्रेशन) में आकर कोई बात 'दिल से' लगा और देश को 'निशब्द' करके चली गई।
Shitanshu Pati Tripathi
निशब्द फिल्म से पहले जिया खान ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1998 में आई शाहरुख खान, मनीषा कोइराला स्टारर 'दिल से' फिल्म से की थी। दिल से में जिया खान ने मनीषा कोइराला के बचपन का किरदार निभाया था।
जिया खान ने 19 साल कि उम्र में करीब साठ साल के अमिताभ बच्चन कि हिरोइन बनकर फ़िल्मी दुनिया को चौंका दिया। जिया खान जिंदादिल और ज़िन्दगी जीने वाली लड़की थी भले ही जिया उर्फ़ नफीसा खान की पैदाइश अमेरिका के न्यूयार्क और परवरिश ब्रिटेन में हुई हो लेकिन जिया ज़िन्दगी हिन्दुस्तान में ही जीना चाहती थी।
जिया खान ने अपनी फ़िल्मी कैरियर में कुल चार फिल्मों में काम किया जिनमे तीन फ़िल्में उन सुपर स्टार्स के साथ थी जिन्हें देखने सुनने दर्शक पिक्चर हाल में जाते है। जिया ने अमिताभ के साथ 'निशब्द', आमिर खान के साथ 'गज़नी' और अक्षय कुमार के साथ 'हाउसफुल'।
हाउसफुल पिक्चर में एक गाना काफी हिट हुआ जिसे जिया खान और अक्षय कुमार के ऊपर फिल्माया गया था। इस गाने के बोल में एक लाईन थी 'आजा तुझे हेवेन दिखाउंगी;' जिया खान ने अपने फ़िल्मी किरदारों और खुद के काम से दर्शको को हेवेन तो दिखाया ही पर खुद हेवेन देखने कि इतनी जल्दी में थी की उन्होंने खुद को ही मार लिया।
जिया खान एक ज़िंदादिल लड़की का नाम था जिसे जिंदगी ज़ीने में मज़ा आता था, ये बात हम ऐसे ही नहीं कह रहे बल्कि उन तीन फिल्मो में निभाये गए उनके किरदारों को देखकर कह रहे है जिनको जिया जैसी जिंदादिल लड़की और हिरोईन निभा सकती थी।
लोग कह रहे है जिया अवसाद की शिकार थी, अवसाद यानि डीप्रेशन हमारा सवाल है जिया खान के इस अवसाद के पीछे वजह क्या थी। जिया खान के बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली से भी पुलिस ने जिया के अवसाद में जाने कि वजह पूछी लेकिन वो भी कुछ नहीं बता पाया।
दिव्या भारती और जिया खान की मौत की वजह में कुछ समानताये थी, दिव्या भी काफी कम उम्र में मरी जिया भी, दिव्या भारती ने भी ख़ुदकुशी कि जिया ने भी, दिव्या भी डीप्रेशन में थी जिया की भी मौत कि वजह डीप्रेशन बताई जा रही है।
हमारा ये कहना है कि आखिरे ये 'डीप्रेशन' चीज क्या है, जिसने जिया और दिव्या जैसी प्रतिभाशाली हीरोईनो को हमसे छीन लिया। अवसाद में अगर ऐसे लोग मौत को गले लगाने लगे जो अपने जीवन में शुरुआती सफलता पाने के बाद भी अवसाद में चले जा रहे है और मौत को गले लगा लेते है तो ये उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन जायेंगे जो जीवन में क्षणिक असफलता हाथ लगते ही मौत को गले लगाने चल देंगे।
जिया खान की ख़ुदकुशी ने देश को भी निशब्द कर दिया लेकिन अरसद वारसी ने जिया के बारे में लिखते हुए कहा 'ज़िन्दगी को अलविदा कहने की उम्र नहीं थी', यही बात देश भी कह रहा है 'जिया अभी ज़िन्दगी को अलविदा कहने की उम्र नहीं थी, शायद तुम ज़िन्दगी को भूलकर 'गज़नी' बन गई या तुम्हे 'हाउसफुल' के उस गाने 'आजा तुझे हेवेन दिखाउंगी' कि तरह हेवेन (स्वर्ग) देखने की जल्दी थी, या तुमने अवसाद (डीप्रेशन) में आकर कोई बात 'दिल से' लगा और देश को 'निशब्द' करके चली गई।
Shitanshu Pati Tripathi

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