"सुप्रीम कोर्ट की तल्ख़ टिप्पणियों के बावजूद प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह का मन अभी भी अपने मंत्रियों की कारगुजारियों से नहीं भरा है। सुप्रीम कोर्ट कुछ भी बोले, जनता आँखे फाड़े सब कुछ देखती रहे लेकिन सम्राट है कि कुछ बोलते नहीं।"
ये तल्ख़ टिप्पणी की है भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने| आडवाणी ने मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद भी प्रधानमन्त्री और उनका मंत्रिमंडल अपनी ह धुन में लगा हुआ है।
आडवाणी ने अपने ब्लॉग 'सम्राट ने कपड़े नहीं पहने' में लिखा है कि मनमोहन सिंह जानते है कि अगर उनके मंत्रियों पर आंच आई तो उसका ताप उन तक जरुर पहुंचेगा। आडवाणी ने आलोचनात्मक लहजे में लिखा है कि मनमोहन सिंह सरकार वैसा ही आचरण अपनाए हुए हैं, जैसा आपातकाल के दौरान था।
आडवाणी 'सम्राट ने कपड़े नहीं पहने' ब्लॉग पोस्ट में ये भी लिखा है कि अनियमितताओ और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मंत्रियों से इस्तीफा माँगने की विपक्ष की मुखर मांग और अदालत की कटु आलोचना के साथ कुछ रहस्यों के उजागर होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने इन्हें हटाने की कोई पहल नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की छवि एक सुधारक की रही है लेकिन विपक्ष के हमलो और मंत्रियों के बचाव को लेकर सरकार कोई बात नहीं कर रही।
इस तरह उन्होंने ये साफ़ कर दिया कि यूपीए 2 की ये सरकार और इसके मुखिया मनमोहन सिंह घोटालों व भ्रष्टचार के मुद्दे पर ना तो कुछ सुनना चाहते हैं और ना ही कोई कार्रवाई करना चाहते है। फिलहाल, आडवाणी अपने ब्लॉग 'सम्राट ने कपडे नहीं पहने' का सहारा लेकर सरकार को घेरने में लग गए हैं|
आडवाणी ने अपने ब्लॉग 'सम्राट ने कपड़े नहीं पहने' में लिखा है कि मनमोहन सिंह जानते है कि अगर उनके मंत्रियों पर आंच आई तो उसका ताप उन तक जरुर पहुंचेगा। आडवाणी ने आलोचनात्मक लहजे में लिखा है कि मनमोहन सिंह सरकार वैसा ही आचरण अपनाए हुए हैं, जैसा आपातकाल के दौरान था।
आडवाणी 'सम्राट ने कपड़े नहीं पहने' ब्लॉग पोस्ट में ये भी लिखा है कि अनियमितताओ और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मंत्रियों से इस्तीफा माँगने की विपक्ष की मुखर मांग और अदालत की कटु आलोचना के साथ कुछ रहस्यों के उजागर होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने इन्हें हटाने की कोई पहल नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की छवि एक सुधारक की रही है लेकिन विपक्ष के हमलो और मंत्रियों के बचाव को लेकर सरकार कोई बात नहीं कर रही।
इस तरह उन्होंने ये साफ़ कर दिया कि यूपीए 2 की ये सरकार और इसके मुखिया मनमोहन सिंह घोटालों व भ्रष्टचार के मुद्दे पर ना तो कुछ सुनना चाहते हैं और ना ही कोई कार्रवाई करना चाहते है। फिलहाल, आडवाणी अपने ब्लॉग 'सम्राट ने कपडे नहीं पहने' का सहारा लेकर सरकार को घेरने में लग गए हैं|

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