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Sunday, 16 June 2013

धोखा की मिसाल बनी सपा विधायक

वो विधायक है तो क्या हुआ उनका भी दिल धड़कता है, वो सत्ताधारी पार्टी की विधायक है तो क्या हुआ उन्हें भी प्यार करने का अधिकार है। भले वो विधायक बनने से पहले किसी की पत्नी के तौर पर रही और उस व्यक्ति से दो बच्चो की माँ बनी तो क्या हुआ ये तो आजकल आम बात है। 

हमारे समाज और कानून ने भले ही लिव इन रिलेशन को मंजूरी ना दी हो लेकिन सत्ताधारी पार्टी की एक विधायिका के बयानों के मुताबिक, विधायिका को अपनी पत्नी बताने वाले शख्स के साथ पांच साल बिना शादी किये लिव इन रिलेशनशिप में रही। 

हम बात कर रहे है संभल जिले के चंदौसी से सपा विधायक लक्ष्मी गौतम की जिन्हें आजकल अपने तथाकथित पति का सामना करना मुश्किल हो रहा है। यह भी जानिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। दरअसल, पेशे से शिक्षक विधायिका के तथाकथित पति दिलीप वार्ष्णेय ने जब से विधायिका के आवास से उसके प्रेमी मुकुल अग्रवाल को भागते देखा है तब से वो पागलों की तरह इन्साफ पाने को इधर उधर भटक रहा है। 

मामला विधायिका के प्रेम प्रसंग और उसकी तथाकथित शादी से जुड़ा होने की वजह से उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है जिसकी गूंज प्रदेश की राजधानी स्थित सत्ता के गलियारों से होती हुई प्रदेश सरकार के मुखिया अखिलेश यादव के कानो तक भी पहुँच गई है। 

सरकार विधायिका के कृत से हिली हुई है वही पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव भी विधायिका के प्रेम प्रसंग प्रकरण की वजह पार्टी की छवि को खराब होता देख रहे है तो विपक्षी खेमे में विधायिका के प्यार , सेक्स और धोखे की इस खबर को चटकारे ले ले कर बयान किया जा रहा है। 

विधायिका अपनी बात पार्टी नेतृत्व और सपा मुखिया के सामने रखने के लिए राजधानी लखनऊ रवाना हो चुकी है तो उसका तथाकथित पति अपनी पत्नी और दोनों बच्चियों से मिलने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के यहाँ गुहार लगा रहा है। 

विधायिका ने खुद को दिलीप वार्ष्णेय के साथ पांच सालों तक लिव इन रिलेशनशिप में रहने की बात कबूली है अगर ये बात सही है तो खुद विधायिका और सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली है, वजह साफ़ है चुनाव लड़ते समय सपा प्रत्याशी के तौर पर लक्ष्मी गौतम ने जो हलफनामा दिया था उसमे उन्होंने खुद को शादीशुदा और दिलीप वार्ष्णेय को अपना पति बताया था जो पेशे से शिक्षक है। 

लक्ष्मी गौतम द्वारा दिया गया यही हलफनामा विपक्षियों के लिए हथियार बन गया है। मुख्य विपक्षी पार्टी बहुजन समाज पार्टी इस हलफनामे को झूठा मानकर विधायिका के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में है। वही विधायिका लक्ष्मी गौतम अपनी सफाई देने के लिए पार्टी के जिम्मेदार नेताओं और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने का प्रयास कर रही है। 

वहीं, खुद मुख्यमंत्री इस मामले को देखने की बात कह रहे है, पार्टी नेतृत्व भी इस आफत से निपटने की तैयारी में है। वैसे सपा सरकार बनने के बाद ये कोई पहला मामला नहीं है। पार्टी ने इस मामले की गंभीरता को देखते संभल के जिलाध्यक्ष से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है, सपा जिलाध्यक्ष ने विधायिका के खिलाफ इस रिपोर्ट में बहुत कुछ लिखकर उन्हें कठघरे में खडा किया है। 

वैसे ये मामला लव सेक्स और धोखा का परफेक्ट मामला है लेकिन इस मामले में विधायिका के शामिल होने की वजह से ये हाईप्रोफाइल और सरकार को हिलाने वाला मामला हो गया है अब देखना है सपा मुखिया सरकार के मुखिया विधायिका की इस लिव इन रिलेशन शिप की बात पर कितना यकीन करते है।






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