अगामी लोकसभा चुनाव में केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका अदा करने के सपने देख रही समाजवादी पार्टी (सपा) ने शायद अब तय कर लिया है कि जो भी उसके सपनों में रुकावट बनेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सपा के तीन विधायकों का एक साथ निलंबन शायद पार्टी नेतृत्व के इसी कड़े संदेश को प्रदर्शित करता है।
चूंकि सपा का जनाधार फिलहाल केवल उत्तर प्रदेश में ही है। ऐसे में पार्टी को पता है कि उप्र में बेहतर प्रदर्शन ही उसे लोकसभा चुनाव में दिल्ली की राजनीति में किंगमेकर की भूमिका अदा करने का मौका दे सकती है। इसलिए सपा नेतृत्व यह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा कि उसके किसी नेता की वजह से पार्टी की छवि खराब हो और उसका खामियाजा उसे लोकसभा चुनाव में भगुतना पड़े।
सपा संसदीय बोर्ड के सदस्य ने बताया कि लोकसभा चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व यह बिल्कुल नहीं चाहता कि किसी विधायक या मंत्री के अनैतिक कृत्य या गुंडागर्दी की वजह से पार्टी की छवि खराब हो और विपक्षी दलों को पार्टी और सरकार को घेरने का मौका मिले।
सपा नेता ने कहा कि अगर पार्टी की छवि खराब करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई न की गई तो जनता में गलत संदेश जाएगा और लोकसभा चुनाव में जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी के तीन विधायकों का निलंबन करके सपा नेतृत्व ने विधायकों, मंत्रियों और नेताओं को यह कड़ा संदेश देने की कोशिश की है, कि जो भी पार्टी की छवि खराब करेगा उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। सपा की तरफ से शायद पहली बार इतना बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है।
अपने तीनों विधायकों के कृत्यों से पिछले दो-तीन दिनों से लगातार सपा विपक्षी दल के निशाने पर थी। सीतापुर से विधायक महेंद्र सिंह मंगलवार की रात गोवा के एक होटल में रंगरेलियां मनाते पकड़े गए। रायबरेली के विधायक रामलाल अकेला के बेटे पर आरोप लगा कि उसने एक चिकित्साधिकारी का घर गिरवाकर जमीन पर कब्जा कर लिया। वहीं सीतापुर से विधायक राधेश्याम जायसवाल के बेटे पर आरोप लगा कि उसने जमीन कब्जा करने के लिए एक युवक की हत्या कर दी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार देर शाम कार्रवाई का डंडा चलाते हुए तीनों विधायकों की पार्टी सदस्यता निलंबित कर दी और अकेला व जायसवाल के बेटों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव लगातार विभिन्न मंचों से सार्वजनिक तौर कर कह रहे थे कि पार्टी के विधायक ऐसा आचरण प्रस्तुत न करें जिससे कि उनकी और पार्टी की छवि खराब हो।
मुलायम के करीबी और विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब ने कहा, जो भी नेता अपने कृत्यों से पार्टी की छवि खराब करेगा, नेतृत्व उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। जनता ने बड़ी उम्मीदों से सपा को उप्र की सत्ता सौंपी है। शीर्ष नेतृत्व लोगों की उम्मीदों को किसी भी हाल में नहीं टूटने देगा।
चूंकि सपा का जनाधार फिलहाल केवल उत्तर प्रदेश में ही है। ऐसे में पार्टी को पता है कि उप्र में बेहतर प्रदर्शन ही उसे लोकसभा चुनाव में दिल्ली की राजनीति में किंगमेकर की भूमिका अदा करने का मौका दे सकती है। इसलिए सपा नेतृत्व यह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा कि उसके किसी नेता की वजह से पार्टी की छवि खराब हो और उसका खामियाजा उसे लोकसभा चुनाव में भगुतना पड़े।
सपा संसदीय बोर्ड के सदस्य ने बताया कि लोकसभा चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व यह बिल्कुल नहीं चाहता कि किसी विधायक या मंत्री के अनैतिक कृत्य या गुंडागर्दी की वजह से पार्टी की छवि खराब हो और विपक्षी दलों को पार्टी और सरकार को घेरने का मौका मिले।
सपा नेता ने कहा कि अगर पार्टी की छवि खराब करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई न की गई तो जनता में गलत संदेश जाएगा और लोकसभा चुनाव में जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी के तीन विधायकों का निलंबन करके सपा नेतृत्व ने विधायकों, मंत्रियों और नेताओं को यह कड़ा संदेश देने की कोशिश की है, कि जो भी पार्टी की छवि खराब करेगा उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। सपा की तरफ से शायद पहली बार इतना बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है।
अपने तीनों विधायकों के कृत्यों से पिछले दो-तीन दिनों से लगातार सपा विपक्षी दल के निशाने पर थी। सीतापुर से विधायक महेंद्र सिंह मंगलवार की रात गोवा के एक होटल में रंगरेलियां मनाते पकड़े गए। रायबरेली के विधायक रामलाल अकेला के बेटे पर आरोप लगा कि उसने एक चिकित्साधिकारी का घर गिरवाकर जमीन पर कब्जा कर लिया। वहीं सीतापुर से विधायक राधेश्याम जायसवाल के बेटे पर आरोप लगा कि उसने जमीन कब्जा करने के लिए एक युवक की हत्या कर दी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार देर शाम कार्रवाई का डंडा चलाते हुए तीनों विधायकों की पार्टी सदस्यता निलंबित कर दी और अकेला व जायसवाल के बेटों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव लगातार विभिन्न मंचों से सार्वजनिक तौर कर कह रहे थे कि पार्टी के विधायक ऐसा आचरण प्रस्तुत न करें जिससे कि उनकी और पार्टी की छवि खराब हो।
मुलायम के करीबी और विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब ने कहा, जो भी नेता अपने कृत्यों से पार्टी की छवि खराब करेगा, नेतृत्व उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। जनता ने बड़ी उम्मीदों से सपा को उप्र की सत्ता सौंपी है। शीर्ष नेतृत्व लोगों की उम्मीदों को किसी भी हाल में नहीं टूटने देगा।