हर व्यक्ति चाहता कि उसके बच्चे का जन्म सर्व सुविधा संपन्न वातावरण में हो। लावण्या के माता-पिता ने अपने पहले बच्चे को सुविधापूर्ण वातवरण में जन्म देने का फैसला किया और उनका यह सपना साकार किया एलडीआर ने।
एलडीआर यानी लेबर-डिलीवरी-रिकवरी सूट्स। यह ऐसी सुविधा है, जिसमें सभी आरामदायक चीजों के साथ आपको मिलती है एक उच्च स्तरीय होटल की सुविधा। जाने-माने निजी अस्पतालों में उपलब्ध यह सुविधा पसंद भी की जा रही है। उदाहरण के लिए अपोलो अस्पताल के जननी केंद्र क्रेडल को ले लीजिए।
अपोलो अस्पताल में सेकंडरी केयर सर्विसिस के निदेशक, सुधीर दिग्गीकर ने बताया, हमने विशेषरूप से चिकित्सकों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, बाल रोग विशेषज्ञों और परिचारिकाओं की टीम तैयार की है, जो जच्चे-बच्चे की व्यक्तिगत रूप से देखभाल करते हैं। स्वाभाविक है कि यहां अन्य सुविधाएं भी हैं।
अपने नाम के मुताबिक एलडीआर में मां के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर अस्पताल से छुट्टी होने तक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, और बच्चे का जन्म भी यहीं होता है। बच्चे को जन्म देने के दौरान अगर मां कोई संगीत सुनना चाहे तो उसे भी बजाया जाता है। क्योंकि यह आरामदायक होता है और मां का मन व्यस्त करता है।
बच्चे के जन्म के बाद नवजात शिशु को उसके परिवार के पास ले जाया जाता है और मां को विशेष उपहार दिया जाता है। जच्चे के लिए आहार विशेषज्ञों के साथ परामर्श सत्र भी किए जाते हैं। छुट्टी होने के बाद परिवार को आरामदायक कार के साथ घर तक छोड़ा जाता है।
फोर्टीज ला फेमी की अनिता गुप्ता ने बताया, एलडीआर के तहत कमरे में एलसीडी टीवी , संगीत उपकरण और एक छोटा रसोईघर जैसी सुविधाओं के अलावा अगर कोई महिला मसाज और वैक्स कराना चाहती है तो बटन दबाने पर यह सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।
फोर्टीज के सुधीर ने बताया, हमने 2001-2002 में यह सुविधा शुरू की थी। तब यहां सिर्फ उच्च वर्ग के युगल ही आते थे। लेकिन अब उच्च-मध्यमवर्गीय परिवारों के लोग भी आते हैं। क्रेडल में तीन दिन के एलडीआर पैकेज की कीमत 90,000-100,000 रुपये है। अन्य जगह भी इस सुविधा के लिए ऐसे ही मूल्य है। विपणन सहायक और नए पिता बने रवि बजाज का कहना है, नियमित कमरों और एलडीआर की कीमतों में लगभग 8,000 का ही अंतर है, जो बहुत ज्यादा नहीं है।
एलडीआर यानी लेबर-डिलीवरी-रिकवरी सूट्स। यह ऐसी सुविधा है, जिसमें सभी आरामदायक चीजों के साथ आपको मिलती है एक उच्च स्तरीय होटल की सुविधा। जाने-माने निजी अस्पतालों में उपलब्ध यह सुविधा पसंद भी की जा रही है। उदाहरण के लिए अपोलो अस्पताल के जननी केंद्र क्रेडल को ले लीजिए।
अपोलो अस्पताल में सेकंडरी केयर सर्विसिस के निदेशक, सुधीर दिग्गीकर ने बताया, हमने विशेषरूप से चिकित्सकों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, बाल रोग विशेषज्ञों और परिचारिकाओं की टीम तैयार की है, जो जच्चे-बच्चे की व्यक्तिगत रूप से देखभाल करते हैं। स्वाभाविक है कि यहां अन्य सुविधाएं भी हैं।
अपने नाम के मुताबिक एलडीआर में मां के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर अस्पताल से छुट्टी होने तक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, और बच्चे का जन्म भी यहीं होता है। बच्चे को जन्म देने के दौरान अगर मां कोई संगीत सुनना चाहे तो उसे भी बजाया जाता है। क्योंकि यह आरामदायक होता है और मां का मन व्यस्त करता है।
बच्चे के जन्म के बाद नवजात शिशु को उसके परिवार के पास ले जाया जाता है और मां को विशेष उपहार दिया जाता है। जच्चे के लिए आहार विशेषज्ञों के साथ परामर्श सत्र भी किए जाते हैं। छुट्टी होने के बाद परिवार को आरामदायक कार के साथ घर तक छोड़ा जाता है।
फोर्टीज ला फेमी की अनिता गुप्ता ने बताया, एलडीआर के तहत कमरे में एलसीडी टीवी , संगीत उपकरण और एक छोटा रसोईघर जैसी सुविधाओं के अलावा अगर कोई महिला मसाज और वैक्स कराना चाहती है तो बटन दबाने पर यह सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।
फोर्टीज के सुधीर ने बताया, हमने 2001-2002 में यह सुविधा शुरू की थी। तब यहां सिर्फ उच्च वर्ग के युगल ही आते थे। लेकिन अब उच्च-मध्यमवर्गीय परिवारों के लोग भी आते हैं। क्रेडल में तीन दिन के एलडीआर पैकेज की कीमत 90,000-100,000 रुपये है। अन्य जगह भी इस सुविधा के लिए ऐसे ही मूल्य है। विपणन सहायक और नए पिता बने रवि बजाज का कहना है, नियमित कमरों और एलडीआर की कीमतों में लगभग 8,000 का ही अंतर है, जो बहुत ज्यादा नहीं है।
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