सपा सरकार और हिंदुत्ववादी संगठन एक बार फिर आमने सामने आने की तैयारी में है। विश्व हिन्दू परिषद की प्रस्तावित चौरासी कोसी यात्रा पर प्रतिबन्ध लागने के बाद प्रदेश सरकार ने अयोध्या से सटी 6 जिलों की सीमाओं को भी सील करने के आदेश जारी कर दिए है।
प्रदेश की अखिलेश सरकार इन जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है, साथ ही 25 अगस्त से पहले इन जिलों में सुरक्षा को बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। सरकार ने फैजाबाद सहित उससे सटी 6 जिलों की सीमाओं को सील करने के आदेश भी जारी कर दिए है।
प्रदेश की अखिलेश सरकार इस चौरासी कोसी यात्रा के मद्दे नज़र कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती इस वजह से सरकार ने प्रदेश की सीमाओं से लगे अन्य प्रदेशो की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी है। साथ ही जरुरत के हिसाब से इन सीमाओं को सील करने के दिशा निर्देश भी जारी कर दिए है।
प्रदेश सरकार ने बीते सोमवार को विहिप की प्रस्तावित चौरासी कोसी परिक्रमा पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। अखिलेश सरकार ने प्रस्तावित चौरासी
कोसी यात्रा को नई परम्परा बताते हुये कहा सरकार किसी नई यात्रा की अनुमति नहीं दे सकती जिससे साम्प्रादायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो।
सरकार ने इस प्रतिबन्ध से भड़के साधू संतो को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध करने के भी निर्देश दिए है, सरकार ने परिवहन, रेल , और हवाई मार्ग से आने वाले साधू संतो की चेकिंग के आदेश दिए है । प्रदेश सरकार इस यात्रा को रोकने के लिए कमर कस चुकी है वही साधू संत भी अयोध्या पहुँचने की तैयारी में है।
इस चौरासी कोसी यात्रा पर प्रतिबन्ध से भड़के विहिप के संयोज़क अशोक सिंघल ने साफ़ किया है कि सरकार लाख कोशिश कर ले ये यात्रा होकर रहेगी। वही विहिप ने प्रदेश सरकार के ऊपर ये भी आरोप लगाया कि प्रदेश की अखिलेश सरकार मुस्लिम समुदाय के हाथों की कठपुतली बन गई है।
चौरासी कोसी यात्रा का ऐलान कर जहां विहिप ने एक बार फिर मंदिर आन्दोलन को हवा दे दी। वही, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा भी इस मुद्दे पर विहिप के साथ कड़ी हो गई है। इस यात्रा के दौरान विहिप 374 किलोमीटर की यात्रा 6 जिलों से निकलने वाली थी, ये जिले है बस्ती , फैजाबाद ,
अम्बेडकरनगर, बाराबंकी बलरामपूर और गोंडा जो की मंदिर आन्दोलन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते है।
बहरहाल इस मुद्दे पर मुलायम सिंह यादव और विश्व हिन्दू परिषद् ने राजनीति की नई जमीन तैयार कर दी है, इस मुद्दे पर प्रदेश ही क्या देश की राजनीति भी उबाल पर है। वही, अगर मामला गर्म होता है तो ये तय है की वोटो का धुर्विकरण भी हो सकता है जिसमें फायदा किसका है ये किसी से छुपा नहीं है।
प्रदेश की अखिलेश सरकार इन जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है, साथ ही 25 अगस्त से पहले इन जिलों में सुरक्षा को बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। सरकार ने फैजाबाद सहित उससे सटी 6 जिलों की सीमाओं को सील करने के आदेश भी जारी कर दिए है।
प्रदेश की अखिलेश सरकार इस चौरासी कोसी यात्रा के मद्दे नज़र कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती इस वजह से सरकार ने प्रदेश की सीमाओं से लगे अन्य प्रदेशो की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी है। साथ ही जरुरत के हिसाब से इन सीमाओं को सील करने के दिशा निर्देश भी जारी कर दिए है।
प्रदेश सरकार ने बीते सोमवार को विहिप की प्रस्तावित चौरासी कोसी परिक्रमा पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। अखिलेश सरकार ने प्रस्तावित चौरासी
कोसी यात्रा को नई परम्परा बताते हुये कहा सरकार किसी नई यात्रा की अनुमति नहीं दे सकती जिससे साम्प्रादायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो।
सरकार ने इस प्रतिबन्ध से भड़के साधू संतो को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध करने के भी निर्देश दिए है, सरकार ने परिवहन, रेल , और हवाई मार्ग से आने वाले साधू संतो की चेकिंग के आदेश दिए है । प्रदेश सरकार इस यात्रा को रोकने के लिए कमर कस चुकी है वही साधू संत भी अयोध्या पहुँचने की तैयारी में है।
इस चौरासी कोसी यात्रा पर प्रतिबन्ध से भड़के विहिप के संयोज़क अशोक सिंघल ने साफ़ किया है कि सरकार लाख कोशिश कर ले ये यात्रा होकर रहेगी। वही विहिप ने प्रदेश सरकार के ऊपर ये भी आरोप लगाया कि प्रदेश की अखिलेश सरकार मुस्लिम समुदाय के हाथों की कठपुतली बन गई है।
चौरासी कोसी यात्रा का ऐलान कर जहां विहिप ने एक बार फिर मंदिर आन्दोलन को हवा दे दी। वही, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा भी इस मुद्दे पर विहिप के साथ कड़ी हो गई है। इस यात्रा के दौरान विहिप 374 किलोमीटर की यात्रा 6 जिलों से निकलने वाली थी, ये जिले है बस्ती , फैजाबाद ,
अम्बेडकरनगर, बाराबंकी बलरामपूर और गोंडा जो की मंदिर आन्दोलन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते है।
बहरहाल इस मुद्दे पर मुलायम सिंह यादव और विश्व हिन्दू परिषद् ने राजनीति की नई जमीन तैयार कर दी है, इस मुद्दे पर प्रदेश ही क्या देश की राजनीति भी उबाल पर है। वही, अगर मामला गर्म होता है तो ये तय है की वोटो का धुर्विकरण भी हो सकता है जिसमें फायदा किसका है ये किसी से छुपा नहीं है।
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