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Wednesday, 21 August 2013

भारतीय सेना की शान बना हरक्यूलिस

भारत ने लद्दाख दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी पर हरक्यूलिस विमान को सफलता पूर्वक उतार कर चाइना को अपनी सामरिक ताकत का अहसास करा दिया है। हरक्यूलिस के लद्दाख क्षेत्र में उतरने से भारत को इस क्षेत्र में सेना के साजो सामान और हथियार के साथ रसद भेजने में आसानी हो जायेगी। 

C-130 J सुपर हरक्यूलिस चार इंजनो वाला वो विमान है, जो सेना की शान कहा जा सकता, हरक्यूलिस अपनी उड़ान के दौरान 20 टन तक सेना के साजो सामान और हथियार ले जा सकता है। 

बीते महीने भारत चाइना बार्डर पर उत्पन्न हुये तनाव के बाद हरक्यूलिस के दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी पर उतरने से भारतीय सेना को अब इस क्षेत्र में ज्यादा मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

सेना इससे पूर्व इस क्षेत्र में हेलीकाप्टर से सामान भेजती थी, दौलत बेग ओल्डी की हवाई पट्टी विश्व की सबसे ऊँचे स्थान पर स्थित हवाई पट्टी है, हरक्यूलिस की खासियत यही है कि वो छोटी हवाई पट्टियों पर भी उतर सकता है। 

हरक्यूलिस की मौजूदगी से वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास अब पहले से बड़ी तादाद में सैनिकों को लाया-ले जाया सकेगा और पहले से अधिक रसद की आपूर्ति संभव हो सकेगी। इस उपलब्धि से सशस्त्र बल बड़े विमानों को सैनिकों को लाने-ले जाने, रसद पहुंचाने और संचार नेटवर्क सुधारने में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कदम लद्दाख में तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाने में भी काफी मददगार साबित हो सकता है।

हरक्यूलिस का इस्तेमाल अमेरिकन सेना भी करती है। चार इंजन वाले इस जहाज ने दौलत बेग ओल्डी पर उतर कर भारतीय सेना के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

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