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Tuesday, 6 August 2013

जापान मौन है

6 अगस्त, 1945 की सुबह अमरीकी वायु सेना ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम लिटिल ब्वॉय बम गिराया था। आज से 68 वर्ष पहले अमेरिका ने जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे। इसमें लाखों की तादात में लोग मारे गए थे। यह 20वीं सदी की सबसे बड़ी बड़ी घटना थी।जापान के लोगो ने उस काले दिन को याद करने के लिए पीस मैमोरियल पार्क में एकत्रित होकर इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

परमाणु बम गिराये जाने के इस मौके पर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो ने पीस मैमोरियल पार्क में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा वो घटना आज तक सबसे दुखद घटना थी। इस हमले की 68 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में हजारों लोगों ने भाग लिया।

तीन दिनों बाद अमरीका ने नागासाकी शहर पर फैट मैन परमाणु बम गिराया। यह मानव-जाति के इतिहास में परमाणु हथियारों का सबसे पहला प्रयोग था। यह परमाणु बम सैन्य दस्तों और सैन्य अड्डों पर ही नहीं बल्कि रिहायशी कस्बों पर भी गिराए गए थे। इस घटना के काफी वर्ष बाद तक भी यहां पर परमाणु बम के धमाके का असर देखा जाता रहा।

परमाणु हमले के दो से चार माह के अंदर ही करीब 90,000 से 1,60,000 तक हिरोशिमा में और 60,000 से 90,000 तक नागासाकी में लोगों की मौत हो गई। इनमें से आधे से अधिक तो पहले ही दिन काल की गाल में समा गए। हिरोशिमा की हेल्थ विभाग का आंकलन है कि साठ फीसद तो केवल बमबारी की वजह से आग की लपटों में जल गए।

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