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Wednesday, 28 August 2013

मोदी खेमे की टेस्टिंग थी

विश्व हिन्दू परिषद की फेल हो चुकी चौरासी कोसी यात्रा कहीं मोदी खेमे की लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा की स्थिति को जांचने के लिए टॉप नहीं थी ? विहिप को इस यात्रा को आयोजित करने का मौन समर्थन कही न कही नरेन्द्र मोदी के करीबी और उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रभारी अमित शाह के तरफ से भी था, इस यात्रा को इस समय आयोजित करने पर भाजपा और विहिप नेताओं के बीच मतभेद की भी ख़बरें आई थी। 

विहिप की फुस चौरासी कोसी यात्रा को लेकर भाजपा और विहिप ने कोई भी साझा रणनीति नहीं बनाई थी, भाजपा ने समय का इंतज़ार किया और सही समय पर अपने पाँव पीछे खींच लिए थे। 17 अगस्त को विहिप के संयोज़क अशोक सिंघल और संतों की टोली सपा मुखिया और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले तो ऐसा सन्देश गया कि सरकार इस यात्रा के न तो समर्थन में है और न ही उसे रोकने के पक्ष में संत भी ख़ुशी ख़ुशी मुलायम से मिलकर बाहर आये। 

लेकिन अचानक दो दिनों बाद ही सरकार ने पलटी मारते हुये यात्रा पर रोक लगाने की घोषणा कर दी। विहिप भी अड़ गई की वो यात्रा निकाल कर ही रहेगी। भाजपा नेताओं और विहिप ने इस यात्रा को लेकर अपने अपने मत दिए भाजपा नेताओं ने विहिप के बड़े नेताओं से इस यात्रा को निकालने के लिए मना भी किया। भाजपा को चौरसी कोसी यात्रा के समय को लेकर एतराज था। 

विहिप और भारतीय जनता पार्टी के अन्दर से आ रही ख़बरों के मुताबिक इस यात्रा को लेकर दोनों पक्षों के संबंधो में खटास की भी ख़बरें है। भाजपा का मानना है कि प्रदेश सरकार ने जिस तरह की छीछालेदर विहिप की कि उसने भाजपा की चुनावी संभावनो को भी धूमिल कर दिया। विहिप का मकसद इस यात्रा के माध्यम से वोटो का ध्रुवीकरण करने का था, लेकिन विहिप अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकी लेकिन समाजवादी पार्टी को इसका फायदा जरुर हो गया। 

समाजवादी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत लगा कर इस यात्रा को विफल कर दिया| वहीँ, विहिप इस मुद्दे को लोकसभा चुनावों के बहाने अयोध्या और राममंदिर मुद्दे को गर्माना चाहती थी। इस पूरे प्रकरण में RSS भी विहिप को परदे के पीछे से समर्थन कर रहा था। भाजपा न चाहते हुये भी दबे मन से इस यात्रा के साथ जा खड़ी हुई थी। 

भाजपा सूत्रों के मुताबिक़, भारतीय जनता पार्टी ने विहिप के बड़े नेताओं को साफ़ कह दिया था कि इस समय परिक्रमा का सही समय नहीं है। अगर कही यात्रा फेल हो गई तो जनता के बीच गलत सन्देश चला जायेगा। भाजपा का डर सही साबित हुआ समाजवादी पार्टी ने अपने वोट बैंक को दिखाने के लिए इस यात्रा को विफल करने में पूरी ताकत लगा दी, सपा अपने वोटरों को सन्देश देने में सफल रही वही प्रदेश की जनता ये कहते नज़र आई जब चुनाव आते है भाजपा को मंदिर की याद क्यों आती है। 

वैसे देखा जाए तो मोदी की टीम ने उत्तर प्रदेश के सियासी पारे को विहिप की इस असफल चौरासी कोसी यात्रा के माध्यम से नाप लिया| वहीँ, मुलायम सिंह यादव भी अपने वोटरों को साध कर खुश है लेकिन पूरी भाजपा आज पशोपेश में है कि जो चुनावी जमीन वो तैयार कर थे उसमें विहिप की इस असमय की यात्रा ने उस जमीन को खिसका दिया जो खुद ब खुद भाजपा विरोधी पार्टियाँ उसके लिए बना रही थी।

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