झारखण्ड देश का एक ऐसा राज्य जहां की राजनीति देश के अन्य राज्यों की राजनीति से खासी अलग है। झारखण्ड राज्य की शुरुवात से ही यहाँ की राजनीति में उथल पुथल का माहौल बना रहा है। हाल में ही झारखण्ड में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा- कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बनी जिसका नेतृत्व सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन के हाथ में आ गया| दोनों पार्टियों के मंत्री भी बनाये गए।
कांग्रेस के एक विधायक योगेन्द्र साहू ने एक ऐसा बयान दिया जिसने नेताओं के चरित्र और लाभ का पद पाने के लिए गिरने की सारी सीमाए पार कर दी। साहू ने कहा जब झारखण्ड में जेएमएम और कांग्रेस की संयुक्त सरकार बनी और मंत्री पद का गठन हो रहा था तब उनका नाम मंत्री वाली लिस्ट में नहीं था।
लिस्ट में नाम न होने की दशा में उन्होंने नेताओं की परिक्रमा शुरू की| कई बड़े नेताओं के जूते भी चमकाने पड़े फिर भी उन्हें मंत्री पद नहीं दिया गया। हार कर उन्होंने सोनिया गांधी से गुहार लगाईं तब जाकर उन्हें मंत्री पद मिला।
एक राज्य के मंत्री के मुंह से ऐसा बयान सुनकर राजनीति और राजनीति करने वाले नेताओं की ओछी मानसिकता का पता चलता है।
कांग्रेस के एक विधायक योगेन्द्र साहू ने एक ऐसा बयान दिया जिसने नेताओं के चरित्र और लाभ का पद पाने के लिए गिरने की सारी सीमाए पार कर दी। साहू ने कहा जब झारखण्ड में जेएमएम और कांग्रेस की संयुक्त सरकार बनी और मंत्री पद का गठन हो रहा था तब उनका नाम मंत्री वाली लिस्ट में नहीं था।
लिस्ट में नाम न होने की दशा में उन्होंने नेताओं की परिक्रमा शुरू की| कई बड़े नेताओं के जूते भी चमकाने पड़े फिर भी उन्हें मंत्री पद नहीं दिया गया। हार कर उन्होंने सोनिया गांधी से गुहार लगाईं तब जाकर उन्हें मंत्री पद मिला।
एक राज्य के मंत्री के मुंह से ऐसा बयान सुनकर राजनीति और राजनीति करने वाले नेताओं की ओछी मानसिकता का पता चलता है।
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