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Tuesday, 16 July 2013

मौत को पसंद है 12 जुलाई

बालीवुड को एक बार फिर शोक दे गई 12 जुलाई को यमराज के दूतों ने हरदिल अज़ीज़ कलाकारों को ले जाने का दिन मुक़र्रर किया है। बीते साल की तरह इस साल भी 12 जुलाई देश को दर्द दे गई। 

12 जुलाई 2012 को रुस्तमे हिन्द और सभी के दिलों पर राज करने वाले 83 वर्षीय दारा सिंह जी की मौत हो गई थी, दारा सिंह जी की मौत पर बालीवुड के साथ पूरा देश शोक मग्न हो गया था। दारा सिंह जी की मौत पर प्राण साहब भी खासे दुखी हुये थे। 

12 जुलाई को जब बालीवुड दारा सिंह जी की मौत की पहली पुन्य तिथि मना रहा था, तभी रात 8.30 पर एक खबर ने देश को शोक में डाल दिया वो खबर आई लीलावती हास्पिटल से जहा प्राण साहब का इलाज़ चल रहा था। प्राण साहब दुनिया छोड़ गए थे। 93 साल की उम्र में प्राण साहब ने आखरी सांस ली। 

दारा सिंह जी और प्राण साहब से पहले देश ने एक और अभिनेता को 12 जुलाई को ही खोया था, वो थे जुबली कुमार के नाम से मशहूर राजेंद्र कुमार जी जिन्होंने 69 साल की उम्र में सन 1999 में दुनिया छोड़ दी थी। 

इन तीनो फ़िल्मी हस्तियों ने एक साथ एक ही समय पर पुरे देश में उनके चाहने वाले करोडो लोगो के दिलों पर राज किया। राजेंद्र कुमार साहब जहा अपने समय की लड़कियों के दिलों की धड़कन थे वही दारा सिंह जी ने मर्दानगी पसंद लोगो के बीच अपनी पैठ बनाई तो वही प्राण साहब ने अपनी खलनायकी से फ़िल्मी दुनिया के बुरे आदमी की नई परिभाषा गढ़ दी। 

प्राण साहब की खलनायकी का आलम ये था की आम भारतीयों ने अपने बच्चों का नाम तक प्राण रखना पसंद नहीं किया। वही राजेंद्र कुमार और दारा सिंह ने अपने अभिनय की छाप लोगो के दिलों पर ऐसी छोड़ी की आज भी उनकी फ़िल्में उसी चाव से देखी जाती है जिस चाव से उस समय देखा जाता था। पर्दाफाश भी अपनी श्रधांजलि इन हरदिल अज़ीज़ कलाकारों को देता है।

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