इंग्लैण्ड के एंडी मरे ने रविवार 7 जुलाई यानी साल के सातवें महीने में इंग्लैण्ड के 77 साल के उस सपने को पूरा कर दिया जिसको इंग्लैण्ड का हर नागरिक और खुद वहां की महारानी हर साल जुलाई के महीने में ही देखती थी।
एंडी मरे की इस जीत से आज पूरा देश जश्न के माहौल में डूबा हुआ है। देश के प्रधानमन्त्री डेविड कैमरून भी विंबलडन के इस विजेता और देश के महानायक को नाईटहुड की उपाधि से नवाजे जाने का समर्थन कर देशवासियों की मांग को आगे बढाया है। एंडी मरे आज ब्रिटेन के महानायक बन चुके है लेकिन उनके बारे में एक सच्चाई है वो इंग्लैण्ड के मूल निवासी नहीं बल्कि स्काटिश मूल के है।
एंडी मरे मूलत: स्काटलैंड के रहने वाले है अब वो ब्रिटेन में बस चुके है और वही के लिए टेनिस में देश का प्रतिनिधित्व करते है। एंडी मरे को आज देश नाईटहुड की उपाधि देने की मांग कर रहा है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून का इस मुद्दे पर कहना है। नाईटहुड की उपाधि स्वतंत्र तौर पर दिए जाने का निर्णय लिया जाता है इस उपाधि के योग्य इस समय देश में एंडी मरे से उपयुक्त कोई और व्यक्ति नहीं है।
26 वर्षीय मरे से जब इस बाबत बात की गई तो उनका सिर्फ इतना कहना था देश बीते 77 सालों से इस विश्वप्रसिद्द ट्राफी के जितने का इंतज़ार कर रहा था, उनका सपना पूरा हुआ देश को इस जीत की खुमारी से बाहर तो आ जाने दीजिये उसके बाद तय होगा की क्या होता है। उन्होंने सर के उपाधि दिये जाने पर कहा वो इस विषय पर कुछ भी नहीं बोलना चाहते।
मरे की इस जीत पर ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ, ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून सहित पूर्व खिलाड़ियों और नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमन्त्री डेविड कैमरून ने कहा डेविड मरे का विंबलडन खिताब जीतना देश के लिए यादगार क्षण है जिसे वर्षों तक नहीं भुलाया जायेगा|एंडी ने 77 साल पुराना सपना पूरा किया। गौरतलब है फ्रेड पेरी ने 1934, 1935, और आखरी बार 1936 में जर्मनी के गाटफ्रेड वान क्रेम को लगातार तीन साल हराकर ब्रिटेन को विंबलडन चैम्पियन बनाया।
एंडी मरे ने खिताब जीतने के बाद उस रात सो नहीं सके उन्हें सभी कुछ सपने सरीखा लग रहा था , उन्हें इस बात का भी डर था की कही सुबह वो उठे और उनका खिताब सपने सरीखा महसूस हो। एंडी मरे ने अपने कैरियर में अभी तक 2 ग्रैंड स्लैम और एक ओलम्पिक पदक जीता है। विश्व के नंबर 2 खिलाड़ी मरे के सेन्टर कोर्ट पर किये गये कारनामे के पीछे एक और विश्व प्रसिद्द खिलाड़ी का बहुत बड़ा योगदान है।
इवान लेंडल का नाम हो सकता है आज की पीढ़ी जानती हो या नहीं जानती हो लेकिन अपने समय के आक्रामक खिलाड़ी इवान लेंडल ने अपने पूरे कैरियर में 8 ग्रैंड स्लैम जीते थे लेकिन विंबलडन न जीत पाने का मलाल उन्हें अपने पूरे कैरियर के दौरान रहा। एंडी मरे ने अपना ये खिताब अपने कोच लेंडल के नाम कर दिया है।
एंडी मरे आज ब्रिटेन के हीरो है, अगर उन्हें नाईटहुड की उपाधि से नवाजे जाने की मांग उठ रही है, तो इसमें गलत भी नहीं है। एंडी मरे ने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविक को हरा कर खिताब जीता और खुद को विंबलडन के इतिहास में दर्ज करा लिया। एंडी मरे ने ब्रिटेन का नाम दुनिया में विश्व विख्यात कर दिया। 77 साल के बाद एंडी मरे ने खेल के शब्दों में कहे विंबलडन का खिताब जीत ब्रिटेन वासियों का सपना पूरा किया साथ ही उस सूखे को भी ख़त्म किया जिसका इंतज़ार विश्व पर राज करने वाला ये देश पिछली सदी से देख रहा था।
एंडी मरे की इस जीत से आज पूरा देश जश्न के माहौल में डूबा हुआ है। देश के प्रधानमन्त्री डेविड कैमरून भी विंबलडन के इस विजेता और देश के महानायक को नाईटहुड की उपाधि से नवाजे जाने का समर्थन कर देशवासियों की मांग को आगे बढाया है। एंडी मरे आज ब्रिटेन के महानायक बन चुके है लेकिन उनके बारे में एक सच्चाई है वो इंग्लैण्ड के मूल निवासी नहीं बल्कि स्काटिश मूल के है।
एंडी मरे मूलत: स्काटलैंड के रहने वाले है अब वो ब्रिटेन में बस चुके है और वही के लिए टेनिस में देश का प्रतिनिधित्व करते है। एंडी मरे को आज देश नाईटहुड की उपाधि देने की मांग कर रहा है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून का इस मुद्दे पर कहना है। नाईटहुड की उपाधि स्वतंत्र तौर पर दिए जाने का निर्णय लिया जाता है इस उपाधि के योग्य इस समय देश में एंडी मरे से उपयुक्त कोई और व्यक्ति नहीं है।
26 वर्षीय मरे से जब इस बाबत बात की गई तो उनका सिर्फ इतना कहना था देश बीते 77 सालों से इस विश्वप्रसिद्द ट्राफी के जितने का इंतज़ार कर रहा था, उनका सपना पूरा हुआ देश को इस जीत की खुमारी से बाहर तो आ जाने दीजिये उसके बाद तय होगा की क्या होता है। उन्होंने सर के उपाधि दिये जाने पर कहा वो इस विषय पर कुछ भी नहीं बोलना चाहते।
मरे की इस जीत पर ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ, ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून सहित पूर्व खिलाड़ियों और नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमन्त्री डेविड कैमरून ने कहा डेविड मरे का विंबलडन खिताब जीतना देश के लिए यादगार क्षण है जिसे वर्षों तक नहीं भुलाया जायेगा|एंडी ने 77 साल पुराना सपना पूरा किया। गौरतलब है फ्रेड पेरी ने 1934, 1935, और आखरी बार 1936 में जर्मनी के गाटफ्रेड वान क्रेम को लगातार तीन साल हराकर ब्रिटेन को विंबलडन चैम्पियन बनाया।
एंडी मरे ने खिताब जीतने के बाद उस रात सो नहीं सके उन्हें सभी कुछ सपने सरीखा लग रहा था , उन्हें इस बात का भी डर था की कही सुबह वो उठे और उनका खिताब सपने सरीखा महसूस हो। एंडी मरे ने अपने कैरियर में अभी तक 2 ग्रैंड स्लैम और एक ओलम्पिक पदक जीता है। विश्व के नंबर 2 खिलाड़ी मरे के सेन्टर कोर्ट पर किये गये कारनामे के पीछे एक और विश्व प्रसिद्द खिलाड़ी का बहुत बड़ा योगदान है।
इवान लेंडल का नाम हो सकता है आज की पीढ़ी जानती हो या नहीं जानती हो लेकिन अपने समय के आक्रामक खिलाड़ी इवान लेंडल ने अपने पूरे कैरियर में 8 ग्रैंड स्लैम जीते थे लेकिन विंबलडन न जीत पाने का मलाल उन्हें अपने पूरे कैरियर के दौरान रहा। एंडी मरे ने अपना ये खिताब अपने कोच लेंडल के नाम कर दिया है।
एंडी मरे आज ब्रिटेन के हीरो है, अगर उन्हें नाईटहुड की उपाधि से नवाजे जाने की मांग उठ रही है, तो इसमें गलत भी नहीं है। एंडी मरे ने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविक को हरा कर खिताब जीता और खुद को विंबलडन के इतिहास में दर्ज करा लिया। एंडी मरे ने ब्रिटेन का नाम दुनिया में विश्व विख्यात कर दिया। 77 साल के बाद एंडी मरे ने खेल के शब्दों में कहे विंबलडन का खिताब जीत ब्रिटेन वासियों का सपना पूरा किया साथ ही उस सूखे को भी ख़त्म किया जिसका इंतज़ार विश्व पर राज करने वाला ये देश पिछली सदी से देख रहा था।
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