Translate

Thursday, 11 July 2013

सांसदों, विधायकों को दो साल की सजा तो गई कुर्सी

सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों और विधायको को आज बड़ा झटका देते हुये जन प्रतिनिधित्व कानून 8 (4 ) को निरस्त कर दिया। इस कानून के निरस्त हो जाने के बाद अब कोई भी सांसद या विधायक अगर दो साल से अधिक की सज़ा पायेगा तो उसकी सांसदी और विधायकी स्वत: ख़त्म हो जायेगी। 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देश की सभी राजनीतिक पार्टियों को भी झटका लगा है। कोर्ट ने इन पार्टियों के सामने दागी नेताओं को खड़ा करने का अब कोई भी विकल्प नहीं छोड़ा है। इस फैसले में कोर्ट ने फैसले को चुनौती देने की भी गुंजाइश नहीं छोड़ी है। 

कोर्ट ने इन दागी प्रत्याशियों को एक राहत जरुर दी है, सुप्रीम कोर्ट का कोई भी फैसला इनके पक्ष में आएगा तो इनका निलंबन स्वत: ही वापस हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देश की सभी पार्टिया प्रभावित होगी। वजह भी साफ़ है राजनीतिक दल संसद और विधानसभाओं में अपने सदस्यों की संख्या बढाने के लिए बाहुबलियों और दागी नेताओं को टिकट देकर मैदान में उतार देते है। 

राजनीतिक पार्टियों की मुश्किल इस फैसले के बाद बढ़ने वाली है वहीँ, साफ़ सुथरी छवि वाले नेताओं को अब ज्यादा मौके मिलाने की उम्मीद बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का दबी जबान में ही सभी दलों ने स्वागत किया है।

No comments:

Post a Comment