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Friday, 12 July 2013

राघव जी ने भाजपा सरकार को बचाया

नौकर के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में मंत्री पद गंवाने वाले भाजपा के पूर्व मंत्री राघव जी के वजह से मध्य की शिवराज सरकार कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव से बच गई। दरअसल जिस कांग्रेसी विधायक ने भाजपा का साथ दिया वो कांग्रेसी विधायक अपने ही वरिष्ठ नेता के एक ट्वीट से भड़क गया। बीते दो महीनो से कांग्रेस जिस अविश्वास प्रस्ताव को विधानसभा में लाने की तैयारी कर रही थी वो अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस के ही एक नेता के भड़कने से गिर गया। 

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री पद सुशोभित करने वाले राकेश चौधरी उन्हीं दिग्विजय सिंह के एक ट्वीट से इतना भड़क गए जितना वो राघव जी प्रकरण में नहीं भड़के होंगे। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर एकाउंट पर भाजपा के पूर्व मंत्री राघव जी को निशाना बनाते हुये ट्वीट किया "बच्चा बच्चा राम का राघव जी के काम का" इसी ट्वीट ने शिवराज सरकार का काम सदन में आसान कर दिया। 

दरअसल कांग्रेस बीते दो माह से शिवराज सिंह सरकार के खीलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में थी, गुरुवार को सदन का आखरी दिन था, विधानसभा अध्यक्ष ने जैसे ही नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया कांग्रेस के सदन में उपनेता राकेश चौधरी ने दिग्विजय संघ के ट्वीट की चर्चा करते हुये उस पर सदन में चर्चा करने की मांग रख दी। 

राकेश चौधरी ने कहा की राम देश के 80 फीसदी हिन्दुओं के आस्था के प्रतीक है, कोई उनके बारें में ऐसा कैसे लिख सकता है। राकेश चौधरी के ऐसा कहते ही सदन में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई भाजपा ने मौके का फायदा उठाते हुये सदन को स्थगित करने की मांग रख दी। उधर कांग्रेस अपने ही उपनेता के विरोध से सकते में आ गई कांग्रेस अभी कुछ समझ पाती तब तक विधानसभा के सभापति ने सदन को स्थगित करने का ऐलान कर दिया। 

कांग्रेस के विधायकों ने सरकार के ऊपर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुये कहा की आज जो कुछ भी हुआ वो विधायिका के हिसाब से सही नहीं था। कांग्रेस जहाँ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए तैयारी कर रही थी वहीँ भाजपा ने उन्ही के विधायक को आगे कर अपनी सरकार बचा ली। 

कांग्रेस ने पार्टी से गद्दारी करने वाले विधायक को पार्टी से 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया वही भाजपा ने कांग्रेस से निकाले गए विधायक को गले लगा कर पार्टी में शामिल कर लिया। राघव जी प्रकरण पर जहाँ पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह भाजपा को राम और राघव जी का नाम लेकर घेरने की तैयारी में थे वही दाँव उल्टा पड़ गया, अविश्वास प्रस्ताव तो गिरा ही पार्टी में भी फुट पड़ गई।

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