अखिलेश यादव ने अपने कैबिनेट का विस्तार कर दिया| इस विस्तार से अखिलेश यादव के कुछ साथी नाराज़ हो चले है| नाराजगी इतनी की अपने जिलें पहुँचते ही जिन कार्यकर्ताओं के दम पर सपा सत्ता में पहुंची थी उन्ही समर्थको को उकसा कर मुख्यमंत्री का पुतला फुकवा दिया|
राजभवन से भेजी गई चिट्ठी ने कुछ माननीयों के उम्मीदों के पर लगा दिए थे| आज विधायक से लेकर पार्टी के नेता और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता सरकार से अपनी मेहनत का फल अंग रहे है| मुलायम सिंह यादव ने सत्ता से बाहर रहते सरकार के खिलाफ एक नारा दिया था, "हल्ला बोल|" नारे को मुलायम सिंह यादव और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता शायद सत्ता में आते ही भूल चुके है लेकिन यहाँ आश्चर्य करने वाली बात ये है कि सपा मुखिया ये कैसे भूल गए कि उनके कार्यकर्ता कुछ नहीं भूलते है|
उसी "हल्ला बोल" नारे को आज वही समाजवादी कार्यकर्ता अपनी ही सरकार के ऊपर इस्तेमाल कर रहे हैं| देवरिया के कार्यकर्ता अपने नेता और मुलायम सिंह सरकार में मंत्री रहे शाकिर अली के लगातार तीसरी बार मंत्रिमंडल में शामिल न किये जाने को लेकर नाराज हो गए| कार्यकर्ताओं ने देवरिया में सुभाष चौक पर पार्टी नेतृत्व को कोसते हुए मुर्दाबाद के नारे भी लगाये
कार्यकर्ता इतने ज्यादा आक्रोश में थे कि उन्हीने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला भी फूँका| पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही| उधर सपा जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव का कहना है कि भीड़ में चार पांच सपाई थे बाकी दुसरे दलों के लोग अब सवाल ये उठता है कि अगर वो दूसरे दलों के लोग थे तो मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने पर पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की
उधर देवरिया के पथरदेवा सीट से विधायक जिन्होंने भाजपा के तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही को चुनाव में मात दी थी, वो इस बार भी मंत्रिमंडल में शामिल न होने की वजह से पार्टी नेतृत्व से खफा है| उनका साफ़ कहना है कि मुझे मंत्री पद न दिए जाने का मलाल है|
बहरहाल इस तीसरे मंत्रिमंडल विस्तार ने पार्टी के सभी इलाकों को प्रतिनिधित्व न मिलने की वजह से आक्रोश है| जो कार्यकर्ताओं के गुस्से के तौर पर फूट रहा है जिसका एक नजारा देवरिया के सपा कार्यकर्ताओं ने दिखा दिया| वैसे भी देवरिया से सपा ने 7 विधानसभाओ में से 5 पर पार्टी का परचम लहराया|
सरकार गठन के समय भाटपार रानी से विधायक चुन के आये स्वर्गीय कामेश्वर उपाध्याय को मंत्रिमंडल में जगह मिली, उनकी मृत्यु के बाद देवरिया कोटे से अगला नंबर शाकिर अली का ही था लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार में जगह न मिलने की वजह से मुख्यमंत्री का पुतला अब सपा कार्यकर्ता ही फूँक रहे है|
राजभवन से भेजी गई चिट्ठी ने कुछ माननीयों के उम्मीदों के पर लगा दिए थे| आज विधायक से लेकर पार्टी के नेता और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता सरकार से अपनी मेहनत का फल अंग रहे है| मुलायम सिंह यादव ने सत्ता से बाहर रहते सरकार के खिलाफ एक नारा दिया था, "हल्ला बोल|" नारे को मुलायम सिंह यादव और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता शायद सत्ता में आते ही भूल चुके है लेकिन यहाँ आश्चर्य करने वाली बात ये है कि सपा मुखिया ये कैसे भूल गए कि उनके कार्यकर्ता कुछ नहीं भूलते है|
उसी "हल्ला बोल" नारे को आज वही समाजवादी कार्यकर्ता अपनी ही सरकार के ऊपर इस्तेमाल कर रहे हैं| देवरिया के कार्यकर्ता अपने नेता और मुलायम सिंह सरकार में मंत्री रहे शाकिर अली के लगातार तीसरी बार मंत्रिमंडल में शामिल न किये जाने को लेकर नाराज हो गए| कार्यकर्ताओं ने देवरिया में सुभाष चौक पर पार्टी नेतृत्व को कोसते हुए मुर्दाबाद के नारे भी लगाये
कार्यकर्ता इतने ज्यादा आक्रोश में थे कि उन्हीने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला भी फूँका| पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही| उधर सपा जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव का कहना है कि भीड़ में चार पांच सपाई थे बाकी दुसरे दलों के लोग अब सवाल ये उठता है कि अगर वो दूसरे दलों के लोग थे तो मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने पर पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की
उधर देवरिया के पथरदेवा सीट से विधायक जिन्होंने भाजपा के तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही को चुनाव में मात दी थी, वो इस बार भी मंत्रिमंडल में शामिल न होने की वजह से पार्टी नेतृत्व से खफा है| उनका साफ़ कहना है कि मुझे मंत्री पद न दिए जाने का मलाल है|
बहरहाल इस तीसरे मंत्रिमंडल विस्तार ने पार्टी के सभी इलाकों को प्रतिनिधित्व न मिलने की वजह से आक्रोश है| जो कार्यकर्ताओं के गुस्से के तौर पर फूट रहा है जिसका एक नजारा देवरिया के सपा कार्यकर्ताओं ने दिखा दिया| वैसे भी देवरिया से सपा ने 7 विधानसभाओ में से 5 पर पार्टी का परचम लहराया|
सरकार गठन के समय भाटपार रानी से विधायक चुन के आये स्वर्गीय कामेश्वर उपाध्याय को मंत्रिमंडल में जगह मिली, उनकी मृत्यु के बाद देवरिया कोटे से अगला नंबर शाकिर अली का ही था लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार में जगह न मिलने की वजह से मुख्यमंत्री का पुतला अब सपा कार्यकर्ता ही फूँक रहे है|

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